Budhimaan

लकीर पीटना, अर्थ, प्रयोग(Lakeer peetna)

परिचय: ‘लकीर पीटना’ हिंदी भाषा का एक ज्ञानपूर्ण मुहावरा है। इसे उन लोगों के लिए अक्सर प्रयोग किया जाता है जो बार-बार वही पुरानी बातें, परंपराएं या रीतियाँ दोहराते हैं

अर्थ: ‘लकीर पीटना’ का मुख्य अर्थ है पुरानी प्रथाओं, परम्पराओं और रीति रिवाजों को दोहराना।

उदाहरण: सुभाष जी गाँव के बुजुर्ग थे और वे हमेशा पुरानी परंपराओं और रीतियों का पालन करते थे। जब भी गाँव में कोई नई चीज़ आती, वह उसे तुरंत नकार देते और अपनी पुरानी परंपराओं की बारें में बातें करते रहते थे। अक्सर लोग कहते थे कि वह ‘लकीर पीट रहे हैं’।

विवरण: बहुत से लोग होते हैं जो अपनी परंपराओं और रीतियों में इतना मगन हो जाते हैं कि वे नई चीज़ों को स्वीकार नहीं कर पाते। ऐसे में, जब वे बार-बार अपनी पुरानी बातों को दोहराते हैं, तो उन्हें ‘लकीर पीटने वाला’ कहा जाता है।

आशा है कि आपको “लकीर पीटना” मुहावरे का अर्थ और उसका प्रयोग समझ में आया होगा, खासकर पुरानी परंपराओं और रीतियों के संदर्भ में। और भी रोचक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट budhimaan.com पर जा सकते हैं।

Hindi Muhavare Quiz

लकीर पीटना मुहावरा पर कहानी:

रामपुर गाँव के एक स्कूल में अध्यापक अनुज शर्मा जी पढ़ाते थे। वे बहुत ही अनुभवी और समझदार थे, लेकिन वे हमेशा पुराने तरीकों से ही पढ़ाते थे। वे नए प्रौद्योगिकी, डिजिटल टूल्स और आधुनिक तरीकों को प्रयोग करने में विश्वास नहीं करते थे।

स्कूल में जब भी कोई नई डिजिटल शैली आई, तो उन्होंने उसे नकार दिया और अपने पुराने तरीकों से ही पढ़ाने का आग्रह किया। उन्हें लगता था कि उनके पुराने तरीके सबसे अच्छे हैं और नए तरीकों में वो बात नहीं है।

एक दिन स्कूल में एक नए अध्यापक आये, सुरेंद्र जी। राजीव जी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पढ़ाना शुरू किया, जिससे बच्चों को पढ़ाई में बहुत मजा आया। वे वीडियो, एनिमेशन और इंटरएक्टिव गेम्स का उपयोग करते थे।

शर्मा जी को जब यह देखकर खुशी हुई कि बच्चों को पढ़ाई में कितना रुचि है, तो उन्होंने सोचा कि शायद उन्हें भी नए तरीकों को अपनाना चाहिए। वे समझ गए कि उनके ‘लकीर पीटने’ वाले तरीके से बच्चों को पूरी तरह से समझ में नहीं आता था।

अब, शर्मा जी भी नई तकनीकों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने लगे। उन्होंने समझा कि पुरानी परंपराओं का सम्मान करते हुए भी नई चीजों को स्वीकार करना चाहिए।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि कभी-कभी हम अपनी पुरानी सोच और परंपराओं में इतना अड़े रहते हैं कि हम नई और बेहतर चीजों को अनदेखा कर देते हैं।

शायरी:

जिंदगी की पुरानी राहों में बंधे,

लकीर पीटते चले अपनी कदमों के निशान।

जब नई बहारें खुदा देता है आगे,

क्यों हम पीछे रह जाएं, पुरानी रिवाज में अटके।।

 

लकीर पीटना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of लकीर पीटना – Lakeer peetna Idiom:

Introduction:  ‘Lakeer peetna’ is a profound idiom in the Hindi language. It is often used for those people who repeatedly dwell on the same old matters, traditions, or rituals.

Meaning:  The primary meaning of ‘Lakeer peetna’ is to harp on old customs, traditions, and rituals.

Examples: Subhash Ji was an elder in the village and always adhered to old traditions and customs. Whenever something new came to the village, he would immediately reject it and keep talking about his old traditions. People often said he was ‘beating the same line’ or ‘Lakeer peet rahe hain’.

Explanation: Many people are so engrossed in their traditions and customs that they cannot accept new things. In such cases, when they repeatedly emphasize their old ways, they are termed as ‘beating the same line’ or ‘Lakeer peetne wala’.

Hopefully, you have understood the meaning and usage of the idiom ‘Lakeer peetna’, especially in the context of old traditions and rituals. For more interesting information, you can visit our website budhimaan.com.

Story of ‌‌Lakeer peetna Idiom in English:

In the village of Rampur, there was an ordinary teacher named Anuj Sharma. He was very experienced and wise, but he always taught in old traditional ways. He didn’t believe in using new technology, digital tools, or modern methods.

Whenever a new digital style was introduced in the school, he rejected it and insisted on teaching in his old ways. He believed that his old methods were the best and that the new ways lacked substance.

One day, a new teacher named Surendra arrived at the school. He started teaching on a digital platform, and the children really enjoyed learning. He used videos, animations, and interactive games in his teaching.

When Mr. Sharma saw how engaged the students were, he realized that maybe he should also adopt these new methods. He understood that his repetitive ways weren’t fully resonating with the students.

Now, Mr. Sharma also began using new techniques and digital tools. He realized that while respecting old traditions, one should also embrace new things.

This story teaches us that sometimes we are so entrenched in our old ways and traditions that we overlook new and better things.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

“लकीर पीटना” का क्या स्वरूप होता है?

यह मुहावरा वाक्य में होता है और व्यक्ति के काम या व्यवहार को जांचने और समझने के लिए प्रयुक्त होता है।

“लकीर पीटना” मुहावरे का क्या इतिहास है?

इस मुहावरे का कोई विशेष इतिहास नहीं है, लेकिन यह व्यक्ति के काम या क्रिया को समझने या जानने के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।

“लकीर पीटना” का क्या विपरीतार्थक मुहावरा हो सकता है?

“लकीर पीटना” का विपरीतार्थक मुहावरा हो सकता है “असमझना” या “समझ न पाना,” क्योंकि इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति किसी काम को समझने में असमर्थ है।

“लकीर पीटना” का क्या धार्मिक महत्व हो सकता है?

यह मुहावरा धार्मिक महत्व से वंचित होता है और सामान्यत: किसी काम को समझने और व्यक्तिगत उन्नति के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।

“लकीर पीटना” का क्या संदर्भ हो सकता है सामाजिक जीवन में?

इस मुहावरे का सामाजिक जीवन में संदर्भ हो सकता है जब किसी व्यक्ति के विचारों, संवादों, या क्रियाओं को समझने की कोशिश की जाती है, खासकर जब लोग दूसरों की भावनाओं को समझने का प्रयास करते हैं।

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

टिप्पणी करे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Budhimaan Team

Budhimaan Team

हर एक लेख बुधिमान की अनुभवी और समर्पित टीम द्वारा सोख समझकर और विस्तार से लिखा और समीक्षित किया जाता है। हमारी टीम में शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा देने में वर्षों का समय बिताया है। हम सुनिश्चित करते हैं कि आपको हमेशा सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी मिले।

संबंधित पोस्ट

"खुदा गंजे को नाखून न दे - मुहावरे का चित्रण", "जीवन में संसाधनों का उचित उपयोग दर्शाती छवि", "Budhimaan.com पर आवश्यकताओं की महत्वपूर्णता पर प्रकाश", "अनुचित आवंटन की विडंबना को उजागर करती तस्वीर", "समझदारी और व्यावहारिकता की सीख देता बुद्धिमानी छवि"
Uncategorized

खुदा गंजे को नाखून न दे अर्थ, प्रयोग (Khuda ganje ko nakhun na de)

परिचय: “खुदा गंजे को नाखून न दे” एक प्रसिद्ध हिंदी मुहावरा है, जो व्यंग्यात्मक ढंग से उस स्थिति का वर्णन करता है जब किसी व्यक्ति

Read More »
"खाल ओढ़ाए सिंह की मुहावरे का चित्रण", "असली पहचान और दिखावे के बीच का अंतर", "वास्तविकता बनाम आवरण का चित्र", "सिंह की खाल में छिपा स्यार का इलस्ट्रेशन", "Budhimaan.com पर जीवन की वास्तविकता का पाठ"
Hindi Muhavare

खाल ओढ़ाए सिंह की, स्यार सिंह नहीं होय अर्थ, प्रयोग (Khal odhaye singh ki, Siyar singh nahi hoye)

परिचय: “खाल ओढ़ाए सिंह की, स्यार सिंह नहीं होय” एक लोकप्रिय हिंदी मुहावरा है जो यह बताता है कि केवल बाहरी दिखावे से किसी की

Read More »
जीवन-उतार-चढ़ाव-चित्रण, घी-चना-जीवन-मुहावरा-इमेज, जीवन-संघर्ष-और-सफलता-कला, हिंदी-मुहावरा-विवेचना, Budhimaan.com-जीवन-शैली-सुझाव
Hindi Muhavare

कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वो भी मना अर्थ, प्रयोग (Kabhi ghee ghana, Kabhi mutthi bhar chana, Kabhi wo bhi manaa)

परिचय: “कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वो भी मना” एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है जो जीवन में उतार-चढ़ाव और समय की अनिश्चितता

Read More »
"खाइए मनभाता पहनिए जगभाता मुहावरे का चित्रण", "गाँव की शादी में समाज के अनुरूप वेशभूषा में युवक", "सादगीपसंद खाने और समाजिक वस्त्रों में संतुलन", "Budhimaan.com पर जीवन शैली और संस्कृति"
Hindi Muhavare

खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता अर्थ, प्रयोग (Khaiye manbhata, Pahniye jagbhata)

परिचय: “खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता” यह एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है जो जीवन में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देता है। यह मुहावरा हमें

Read More »
"करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत मुहावरे का चित्रण", "सकारात्मक कार्यों में ऊर्जा निवेश करते व्यक्ति की छवि", "Budhimaan.com पर सकारात्मक योगदान की प्रेरणा", "विवादों की बजाय कर्म पर ध्यान केंद्रित करता किसान"
Hindi Muhavare

करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत अर्थ, प्रयोग (Karni na kartoot, Ladne ko majboot)

परिचय: “करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत” एक हिंदी मुहावरा है जो उन व्यक्तियों के व्यवहार को उजागर करता है जो वास्तव में तो कुछ

Read More »

आजमाएं अपना ज्ञान!​

बुद्धिमान की इंटरैक्टिव क्विज़ श्रृंखला, शैक्षिक विशेषज्ञों के सहयोग से बनाई गई, आपको भारत के इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने ज्ञान को जांचने का अवसर देती है। पता लगाएं कि आप भारत की विविधता और समृद्धि को कितना समझते हैं।