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खार खाना अर्थ, प्रयोग (Khar khana)

परिचय: “खार खाना” वाक्यांश का प्रयोग भारतीय संस्कृति और साहित्य में बहुत पुराना है। यह भावनात्मक और व्यक्तिगत संबंधों की बारीकियों को व्यक्त करने के लिए अक्सर प्रयोग किया जाता है।

अर्थ: “खार खाना” का शाब्दिक अर्थ होता है नमकीन या खारा पदार्थ खाना। लेकिन मुहावरे के रूप में, इसका अर्थ होता है किसी के प्रति विश्वासघात या धोखा देना, खासकर उस व्यक्ति के प्रति जिसने आपकी मदद की हो।

प्रयोग: यह मुहावरा तब प्रयोग किया जाता है जब कोई व्यक्ति उसी के प्रति बेवफाई दिखाता है जिसने उसकी सहायता की हो। यह अक्सर नकारात्मक परिस्थितियों में प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण:

-> विशाल ने अपने दोस्त से खार खाने लगा जब उसने उसके रहस्य को सबके सामने उजागर कर दिया।

-> जिस कंपनी ने अनुज को नौकरी का पहला मौका दिया, उसी के खिलाफ वह खार खाने लगा और उसके प्रतिद्वंद्वियों के साथ मिल गया।

निष्कर्ष: “खार खाना” मुहावरा भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है और यह विश्वासघात या धोखा देने की भावनाओं को बहुत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करता है। इसका उपयोग न केवल भाषाई समृद्धि बढ़ाता है बल्कि यह हमें सामाजिक और नैतिक मूल्यों की महत्ता के बारे में भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। यह मुहावरा याद दिलाता है कि किसी के प्रति वफादार रहना और उनकी सहायता का सम्मान करना कितना महत्वपूर्ण है।

खार खाना मुहावरा पर कहानी:

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में अभय नामक एक युवक रहता था। अभय बहुत ही मेहनती और ईमानदार था, परंतु उसे अभी तक सफलता का स्वाद नहीं मिला था। एक दिन, उसके गाँव में एक धनी व्यापारी आया। उस व्यापारी को अभय की मेहनत और लगन देखकर बहुत प्रभावित हुआ और उसे अपने साथ शहर ले जाने का प्रस्ताव दिया।

अभय ने व्यापारी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और शहर चला गया। वहाँ उसे व्यापार की बारीकियाँ सिखाई गईं और कुछ ही समय में वह एक सफल व्यापारी बन गया। लेकिन जैसे ही उसे सफलता मिली, वह अहंकारी और लालची बन गया। उसने अपने उस गुरु को भुला दिया जिसने उसे सफलता की राह दिखाई थी।

एक दिन, जब व्यापारी को अभय की जरूरत पड़ी, तो अभय ने उसकी मदद करने से मना कर दिया। उसने व्यापारी के साथ धोखा किया और उसके खिलाफ काम करने लगा। गाँव के लोगों ने जब यह सुना तो वे अभय के इस व्यवहार से बहुत दुखी हुए। वे कहने लगे, “अभय ने खार खाया है।” यानी उसने उसी व्यक्ति के साथ विश्वासघात किया, जिसने उसकी सहायता की थी।

समय के साथ, अभय का अहंकार और लालच उसके पतन का कारण बना। उसके धोखे की वजह से वह व्यापार में असफल हो गया और उसके सभी दोस्त और सहयोगी उससे दूर हो गए। अंत में, अभय को समझ में आया कि उसने अपने गुरु के साथ कितना बड़ा अन्याय किया था। उसे अपने किए पर पछतावा हुआ, परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जो लोग हमारी सहायता करते हैं, उनके प्रति हमेशा कृतज्ञ और वफादार रहना चाहिए। “खार खाना” यानी किसी का विश्वास तोड़ना और धोखा देना, अंततः हमें ही नुकसान पहुंचाता है।

शायरी:

जिस दस्तरखान पे खाया, उसी में छेद किया,

खार खाने का हुनर, तूने खूब निभाया।

वफाओं के शहर में, बेवफाई की राह चुनी,

तूने अपने ही साये से, दगा का सिलसिला बुनी।

मोहब्बत में खुदा देखा, इबादत में तेरा नाम,

तेरी जफाओं ने मेरी हस्ती को किया बदनाम।

यहाँ दिल लगाने वालों का, होता है यही अंजाम,

जिसे खिलाया ख्वाबों का हर निवाला, उसी ने खार खाया।

तू राज़ खुलने का डर न रख, मैं राज़ दफ़न कर जाऊँगा,

तेरे खार खाने की कहानी, तेरे साथ ही ले जाऊँगा।

 

खार खाना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of खार खाना – Khar khana Idiom:

Introduction: The phrase “खार खाना” has been used in Indian culture and literature for a long time. It is frequently employed to express the nuances of emotional and personal relationships.

Meaning: Literally, “खार खाना” means to eat something salty or brackish. However, as an idiom, it signifies betraying or deceiving someone, especially someone who has helped you.

Usage: This idiom is used when a person shows disloyalty to the one who has assisted them. It is commonly employed in negative circumstances.

Example:

-> Vishal began to “खार खाना” (betray) his friend when he revealed his secrets to everyone.

-> Anuj started to “खार खाना” (betray) the very company that gave him his first job opportunity and collaborated with its rivals.

Conclusion: The idiom “खार खाना” is deeply embedded in Indian culture and powerfully expresses feelings of betrayal or deceit. Its use not only enhances linguistic richness but also encourages reflection on social and moral values. It reminds us of the importance of remaining loyal to others and respecting the help they have offered.

Story of ‌‌Khar khana Idiom in English:

Once upon a time, in a small village, there lived a young man named Abhay. Abhay was very hardworking and honest, but he had not yet tasted success. One day, a wealthy merchant visited his village. The merchant was very impressed by Abhay’s diligence and dedication and offered to take him to the city.

Abhay accepted the merchant’s offer and went to the city. There, he learned the intricacies of business and soon became a successful businessman. However, as soon as he achieved success, he became arrogant and greedy. He forgot about his mentor who had shown him the path to success.

One day, when the merchant needed Abhay’s help, Abhay refused to assist him. He betrayed the merchant and started working against him. When the villagers heard about this, they were very saddened by Abhay’s behavior. They said, “Abhay has committed betrayal.” It meant that he had betrayed the very person who had helped him.

Over time, Abhay’s arrogance and greed led to his downfall. Due to his deceit, he failed in business, and all his friends and associates distanced themselves from him. Eventually, Abhay realized the great injustice he had done to his mentor. He regretted his actions, but by then, it was too late.

This story teaches us that we should always be grateful and loyal to those who help us. “खार खाना” or betraying someone’s trust and deceiving them ultimately harms us in the end.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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