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ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै, अर्थ, प्रयोग(Dhele uper cheel jo bole, Gali-gali mein pani dole)

परिचय: “ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै” यह हिंदी की एक प्राचीन और रोचक कहावत है। यह कहावत सांकेतिक रूप से छोटी चीजों से उत्पन्न होने वाले बड़े परिणामों की ओर इशारा करती है।

अर्थ: इस कहावत का अर्थ है कि छोटी या सामान्य घटना भी कभी-कभी बड़े परिवर्तन या हलचल का कारण बन सकती है। ‘ढेला’ यहां एक छोटी चीज का प्रतीक है, और ‘चील का बोलना’ किसी घटना की शुरुआत को दर्शाता है, जिससे ‘गली-गली में पानी डोलना’ यानी व्यापक प्रभाव या परिवर्तन होता है।

उपयोग: यह कहावत अक्सर उन स्थितियों में प्रयोग की जाती है, जहां छोटी शुरुआत से बड़े परिणाम सामने आते हैं। इसे राजनीति, सामाजिक परिवर्तन, व्यापार आदि में देखा जा सकता है।

उदाहरण:

-> किसी छोटे से विरोध प्रदर्शन से बड़ा सामाजिक आंदोलन खड़ा हो जाना, या एक छोटी सी अफवाह से पूरे बाजार में हलचल मच जाना इस कहावत के उदाहरण हैं।

समापन: “ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै” कहावत हमें यह सिखाती है कि हमें छोटी चीजों को भी महत्व देना चाहिए, क्योंकि वे भविष्य में बड़े परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं। यह कहावत हमें जागरूक और सचेत रहने के लिए प्रेरित करती है, ताकि हम छोटी शुरुआतों के बड़े परिणामों को समझ सकें और उन्हें सही दिशा में मोड़ सकें।

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ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै कहावत पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में ‘अनुज’ नाम का एक युवक रहता था। अनुज एक साधारण किसान था, जो अपने खेत में दिन-रात मेहनत करता था। एक दिन, उसने देखा कि उसके खेत के किनारे एक छोटा पत्थर पड़ा है। उसने सोचा कि इससे उसके खेत को कोई नुकसान नहीं होगा, इसलिए उसने उसे वहीं छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद, गाँव में बहुत तेज बारिश हुई। पानी के बहाव से वह पत्थर खेत के बीचों-बीच आ गया और उसने पानी के प्रवाह को रोक दिया। इससे खेत में जलभराव हो गया, और फसलें खराब होने लगीं। अनुज ने तब महसूस किया कि उसकी इस छोटी सी लापरवाही ने उसके पूरे खेत को नुकसान पहुँचाया है।

गाँव के बुजुर्गों ने उसे समझाया, “अनुज, तुमने छोटे पत्थर को हल्के में लिया, लेकिन देखो कैसे ‘ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै’। छोटी चीजें भी बड़े परिणाम कर सकती हैं।”

अनुज ने इस घटना से सीख ली और आगे से वह अपने खेत में छोटी-छोटी चीजों पर भी ध्यान देने लगा। उसने समझा कि हर छोटी चीज का भी अपना महत्व होता है, और यही छोटी चीजें कभी-कभी बड़े परिवर्तन का कारण बनती हैं।

शायरी:

छोटी सी चीजों का भी, अपना एक असर होता है,

ढेले पे चील का बोलना, सागर में हलचल लाता है।

गली-गली में पानी डोले, ये कहानी पुरानी है,

हर एक छोटे पहलू की, अपनी एक कहानी है।

जीवन की इस बाजी में, हर कदम पर इम्तिहान है,

छोटी चीजों का महत्व, अक्सर अनजान है।

हर छोटी कोशिश में, एक बड़ी उम्मीद होती है,

ढेले पे चील जो बोले, दुनिया में खलबली होती है।

 

ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।


Hindi to English Translation of ढेले ऊपर चील जो बोलै, गली-गली में पानी डोलै – Dhele uper cheel jo bole, Gali-gali mein pani dole Proverb:

Introduction: “Dhele uper cheel jo bole, Gali-gali mein pani dole” is an ancient and interesting Hindi proverb that symbolically points to the significant outcomes that can arise from small things.

Meaning: The proverb means that even a small or ordinary event can sometimes cause significant changes or disturbances. Here, ‘pebble’ symbolizes something small, and ‘eagle speaking’ represents the beginning of an event, which leads to ‘water swirling in every street,’ indicating a widespread impact or change.

Usage: This proverb is often used in situations where a small start leads to significant results. It can be seen in politics, social change, business, etc.

Examples:

-> A small protest leading to a massive social movement, or a minor rumor causing turmoil in the entire market, are examples of this proverb.

Conclusion: “Dhele uper cheel jo bole, Gali-gali mein pani dole” teaches us to give importance to even the small things, as they can lead to significant outcomes in the future. This proverb motivates us to be aware and alert, so we can understand the significant consequences of small beginnings and steer them in the right direction.

Story of Dhele uper cheel jo bole, Gali-gali mein pani dole Proverb in English:

In a small village lived a young man named Anuj. Anuj was a simple farmer who worked tirelessly in his fields. One day, he noticed a small stone at the edge of his field. Thinking it harmless, he left it there.

Days later, a heavy rainstorm hit the village. The water flow brought the stone to the center of the field, blocking the water’s path. This caused waterlogging, damaging the crops. Anuj realized his slight negligence had led to significant harm to his entire field.

The village elders explained to him, “Anuj, you took the small stone lightly, but see how ‘The eagle speaks on the pebble, causing water to swirl in every street.’ Even small things can have big consequences.”

Anuj learned from this incident and began paying attention to even the smallest details in his field. He understood that every little thing has its significance and that these small things can sometimes cause significant changes.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

ढेले ऊपर की चील कौन है?

ढेले ऊपर की चील व्यक्ति है जो अपनी ऊचाई, सामरिक स्थिति, या शक्ति के आधार पर गर्व करता है और इसे दिखाने की कोशिश करता है।

कहावत में “गली-गली में पानी डोलै” का क्या मतलब है?

“गली-गली में पानी डोलै” का मतलब है कि चील अपने गर्व को हर जगह दिखाने का प्रयास करती है, परंतु उसकी वास्तविक स्थिति सभी जगहों पर समान नहीं हो सकती।

क्या यह कहावत समाज में लागू है?

हाँ, यह कहावत समाज में अक्सर उन व्यक्तियों के खिलाफ उपयोग होती है जो अपनी ऊचाई को बढ़ावा देने की कोशिश करते हैं और अपनी वास्तविक स्थिति को छुपाने की कोशिश करते हैं।

क्या यह कहावत सीखने को कहती है?

हाँ, यह कहावत हमें यह सिखाती है कि गर्व और अहंकार में बहुत अंतर होना चाहिए और व्यक्ति को अपनी वास्तविकता को समझने की आवश्यकता है।

क्या इस कहावत का कोई इतिहासिक संदर्भ है?

इसका कोई निश्चित इतिहासिक संदर्भ नहीं है, लेकिन यह हिंदी साहित्य में एक प्रसिद्ध कहावत है और इसे आमतौर पर उदाहरण के रूप में उठाया जाता है।

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