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अशुभस्य काल हरणम्, अर्थ, प्रयोग(Ashubhasya kaal harnam)

परिचय: “अशुभस्य काल हरणम्” यह संस्कृत मूल की हिंदी कहावत है, जो जीवन के अनिवार्य सत्य को दर्शाती है कि समय के साथ बुरे समय का अंत होता है।

अर्थ: इस कहावत का अर्थ है कि समय के प्रवाह के साथ बुरे या अशुभ समय का अंत हो जाता है। यह आशा और सकारात्मकता का संदेश देती है कि कोई भी दुर्भाग्य या कठिनाई स्थायी नहीं होती।

उपयोग: यह कहावत अक्सर उन स्थितियों में प्रयोग की जाती है, जब किसी को यह याद दिलाना होता है कि समय के साथ सब कुछ बदल जाता है और कठिन समय भी बीत जाता है।

उदाहरण:

-> एक युवा उद्यमी, जिसका व्यापार नुकसान में चल रहा था, को उसके मित्र ने समझाया, “तुम्हारे व्यापार में यह बुरा समय भी बीत जाएगा। अशुभस्य काल हरणम्, अर्थात् धैर्य रखो और लगे रहो।”

समापन: इस कहावत से हमें जीवन में धैर्य और आशावाद का महत्व समझ में आता है। यह हमें बताती है कि समय के साथ हमारे दुर्भाग्य और कठिनाइयां भी समाप्त हो जाएंगी, और अंततः अच्छा समय आएगा। इसलिए, हमें हमेशा आशा बनाए रखनी चाहिए और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

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अशुभस्य काल हरणम् कहावत पर कहानी:

एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में सुभाष नाम का एक किसान रहता था। सुभाष की ज़िंदगी संघर्षों से भरी हुई थी। उसकी फसलें सूखे की वजह से बर्बाद हो गई थीं, और उस पर कर्ज भी बढ़ता जा रहा था। उसकी ज़िंदगी में अंधेरा छाया हुआ था।

एक दिन, उसके गांव में एक संत आए। सुभाष ने अपनी समस्याएं उन्हें बताईं। संत ने उसे समझाया, “सुभाष, याद रखो ‘अशुभस्य काल हरणम्’। यह कठिन समय भी बीत जाएगा। तुम्हारे धैर्य और मेहनत का फल तुम्हें अवश्य मिलेगा।”

सुभाष ने संत की बातों पर विश्वास किया और फिर से मेहनत में जुट गया। उसने नए तरीकों से खेती शुरू की, और समय के साथ, उसकी फसलें हरी-भरी हो गईं। बारिश ने भी उसकी मदद की, और उसका कर्ज धीरे-धीरे खत्म हो गया।

सुभाष ने समझ लिया कि जीवन में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन वे हमेशा के लिए नहीं होतीं। उसका धैर्य और लगन उसे उसके कठिन समय से बाहर निकाल लाया। उसने सीखा कि समय के साथ सभी बुरे दिन बीत जाते हैं, और हर अंधेरी रात के बाद एक नया सवेरा आता है।

शायरी:

जिंदगी की राहों में, अंधेरा भी बसेरा है,

“अशुभस्य काल हरणम्”, यही सिखाता सवेरा है।

दुख के बादल घिरे हों, जब आसमां पे गहरा है,

धैर्य की चादर ओढ़ लो, वक़्त हर ज़ख्म का ठहरा है।

हर घड़ी की टिक-टिक में, छिपा सुखों का पैगाम है,

गम की रात लंबी सही, सुबह का हर आलम है।

उम्मीद की शमा जलाकर, चल पड़ो जो राह पे तेरा है,

“अशुभस्य काल हरणम्”, हर दर्द का यही सफ़रा है।

 

अशुभस्य काल हरणम् शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।


Hindi to English Translation of अशुभस्य काल हरणम् – Ashubhasya kaal harnam Proverb:

Introduction: “Ashubhasya kaal harnam” is a Hindi proverb derived from Sanskrit, highlighting the inevitable truth that bad times end with the passage of time.

Meaning: The proverb means that with the flow of time, bad or inauspicious times come to an end. It conveys a message of hope and positivity, emphasizing that no misfortune or difficulty is permanent.

Usage: This proverb is often used in situations to remind someone that everything changes with time, and difficult times will also pass.

Examples:

-> A young entrepreneur, whose business was suffering losses, was advised by his friend, “This tough phase in your business will also pass. ‘Ashubhasya kaal harnam’, meaning, maintain patience and keep going.”

Conclusion: This proverb teaches us the importance of patience and optimism in life. It tells us that with time, our misfortunes and difficulties will also end, and eventually, good times will come. Therefore, we should always maintain hope and continue moving forward with a positive attitude.

Story of Ashubhasya kaal harnam Proverb in English:

Once upon a time, in a small village, there lived a farmer named Subhash. Subhash’s life was filled with struggles. His crops had been ruined due to drought, and he was increasingly burdened by debt. His life was shrouded in darkness.

One day, a sage visited his village. Subhash shared his problems with the sage. The sage advised him, “Subhash, remember ‘अशुभस्य काल हरणम्’. This difficult time will also pass. The fruits of your patience and hard work will surely come to you.”

Subhash believed in the sage’s words and got back to working hard. He started farming using new methods, and over time, his crops flourished again. The rain also helped, and his debt gradually disappeared.

Subhash realized that life is full of challenges, but they are not permanent. His patience and perseverance pulled him out of his hard times. He learned that with time, all bad days pass, and after every dark night, there comes a new dawn.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

अशुभ कार्यों के समय पर होने के फलस्वरूप क्या हो सकता है?

अशुभस्य काल हरणम् का अनुसरण करने से उसके अशुभ परिणामों से बचा जा सकता है।कैसे एक व्यक्ति इस कहावत का पालन कर सकता है?

कैसे एक व्यक्ति इस कहावत का पालन कर सकता है?

व्यक्ति को समय के महत्व को समझकर अशुभ क्रियाओं से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए।

इस कहावत का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है?

इस कहावत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है।

क्या यह कहावत केवल भारतीय सांस्कृतिक में ही उपयोग होती है?

नहीं, यह कहावत अनेक सांस्कृतिकों में उपयोगी है और विभिन्न भाषाओं में भी व्यापक रूप से प्रचलित है।

क्या इस कहावत का कोई उपयोगार्थ उदाहरण दिया जा सकता है?

हां, उदाहरण के रूप में किसी के जीवन में अशुभ समय पर कुछ करने से होने वाले नकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया जा सकता है।

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