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अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी, अर्थ, प्रयोग(Andhe ko andhere mein bahut door ki sujhi)

परिचय: “अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी” एक लोकप्रिय हिंदी कहावत है, जो अक्सर उन स्थितियों में प्रयोग की जाती है जहां व्यक्ति अपनी सीमाओं के बावजूद असाधारण समझ या अंतर्दृष्टि प्रदर्शित करता है।

अर्थ: इस कहावत का अर्थ है कि एक अंधा व्यक्ति, जिसे दृश्य रूप से देखने की क्षमता नहीं है, अंधेरे में भी दूर की चीजों को ‘समझ’ लेता है। यह सूचित करता है कि कभी-कभी व्यक्ति अपनी अन्य क्षमताओं के माध्यम से उन चीजों को समझ लेता है जो आमतौर पर संभव नहीं लगती।

उपयोग: यह कहावत तब प्रयोग की जाती है जब कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक या मानसिक सीमाओं के बावजूद असाधारण सोच या समझ दिखाता है।

उदाहरण:

-> यदि कोई व्यक्ति बिना औपचारिक शिक्षा के ही किसी कठिन समस्या का समाधान निकाल लेता है, तो कहा जा सकता है कि “उसने अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी।”

निष्कर्ष: इस कहावत के माध्यम से हमें यह सिखने को मिलता है कि शारीरिक या मानसिक सीमाएँ कभी भी व्यक्ति की अंतर्दृष्टि या समझ को सीमित नहीं कर सकतीं। यह हमें प्रेरित करती है कि हम अपनी आंतरिक क्षमताओं का उपयोग करके किसी भी स्थिति में असाधारण समाधान खोज सकते हैं।

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अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी कहावत पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में अनुभव नाम का एक अंधा व्यक्ति रहता था। अनुभव को बचपन से ही देखने की शक्ति नहीं थी, लेकिन उसने अपनी अन्य इंद्रियों को इतना विकसित कर लिया था कि वह आसपास की चीजों को बहुत अच्छी तरह समझ लेता था।

गाँव में एक दिन एक बड़ी समस्या आ गई। गाँव का एकमात्र कुआँ, जिससे सभी लोग पानी लेते थे, अचानक सूख गया। गाँववाले परेशान हो गए और समस्या का समाधान ढूंढने लगे। वे सभी एक-दूसरे से सलाह मशविरा करने लगे, लेकिन किसी को भी इसका कोई हल नहीं सूझ रहा था।

तभी अनुभव ने आवाज सुनी और उसने अपनी समझ का उपयोग करते हुए कहा, “शायद कुएँ के नीचे की मिट्टी ढीली हो गई है, जिससे पानी सोख लिया गया है। हमें कुएँ के आसपास खुदाई करनी चाहिए।”

गाँववालों ने अनुभव की बात मानी और खुदाई शुरू की। खुदाई करते समय उन्हें एक नया जलस्रोत मिला, जिससे कुआँ फिर से भर गया। गाँववाले अनुभव की सूझ-बूझ से बहुत प्रभावित हुए।

इस घटना ने गाँववालों को सिखाया कि “अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी”। उन्होंने समझा कि शारीरिक क्षमताओं की कमी एक व्यक्ति की सोच या समझ को सीमित नहीं कर सकती। अनुभव ने अपनी अंतर्दृष्टि और समझ से गाँव की एक बड़ी समस्या का हल निकाला।

इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें अपनी आंतरिक शक्तियों और समझ का उपयोग करके किसी भी परिस्थिति में समाधान ढूंढना चाहिए, चाहे बाहरी सीमाएँ जो भी हों।

शायरी:

अंधेरे में अंधे को, दूर की सूझी नज़र आई,

जहां आंखों ने कम देखा, वहां सोच ने राह दिखाई।

बिना देखे ही दुनिया को, उसने अपना जहां बनाया,

अंधेरे में भी रोशनी का, एक छोटा सा दीया जलाया।

जिसकी आँखें न सहारा बनी, उसकी सोच ने रास्ता दिखाया,

अंधे को अंधेरे में भी, अपनी मंजिल का पता बताया।

जहां देखने की शक्ति नहीं, वहां समझ ने काम किया,

अंधेरे में भी अंधे ने, जीवन का सच्चा ज्ञान दिया।

आँखों की कमी को, उसने कभी बाधा न बनने दिया,

अंधे के अंधेरे में भी, ज्ञान का दीपक जलाया।

 

अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।


Hindi to English Translation of अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी – Andhe ko andhere mein bahut door ki sujhi Proverb:

Introduction: “Andhe ko andhere mein bahut door ki sujhi” is a popular Hindi proverb often used in situations where a person demonstrates extraordinary understanding or insight despite their limitations.

Meaning: The meaning of this proverb is that a blind person, who lacks the ability to see visually, ‘perceives’ distant things even in the dark. It suggests that sometimes a person can understand things through their other abilities that generally seem impossible.

Usage: This proverb is used when a person shows exceptional thinking or understanding despite their physical or mental limitations.

Examples:

If a person without formal education finds a solution to a difficult problem, it can be said that “Andhe ko andhere mein bahut door ki sujhi.”

Conclusion: This proverb teaches us that physical or mental limitations can never limit a person’s insight or understanding. It inspires us to use our inner capabilities to find extraordinary solutions in any situation.

Story of Andhe ko andhere mein bahut door ki sujhi Proverb in English:

In a small village lived a blind man named Anubhav. Since childhood, Anubhav had been visually impaired, but he had developed his other senses so well that he could understand his surroundings very effectively.

One day, a significant problem arose in the village. The only well in the village, which everyone relied on for water, suddenly dried up. The villagers became anxious and started looking for a solution. They discussed the issue among themselves, but no one could figure out a solution.

Then Anubhav heard the commotion and, using his understanding, suggested, “Perhaps the soil under the well has loosened, absorbing the water. We should dig around the well.”

The villagers followed Anubhav’s advice and began digging. During the excavation, they found a new water source, refilling the well. The villagers were greatly impressed by Anubhav’s insight and intelligence.

This incident taught the villagers the meaning of the proverb, “The blind man sees far in the dark.” They realized that physical abilities do not limit a person’s thinking or understanding. Anubhav, with his insight and understanding, solved a major problem of the village.

This story inspires us to use our inner strengths and understanding to find solutions in any situation, regardless of external limitations.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly.

FAQs:

क्या इसका अर्थ है कि हमें हमेशा सब कुछ जल्दी समझना चाहिए?

नहीं, यह कहावत हमें धीरज बनाए रखने का सुझाव देती है और हमें यह बताती है कि समझने में समय लगना स्वाभाविक है।

क्या इस कहावत का अनुसरण करके किसी समस्या का समाधान करना संभव है?

हाँ, इस कहावत का अनुसरण करके हम समस्याओं का समाधान करने के लिए सही दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

इस कहावत का उपयोग व्यक्ति जीवन में कैसे कर सकता है?

व्यक्ति जीवन में इस कहावत का उपयोग नई या अज्ञात स्थितियों में धीरज रखने के लिए कर सकता है।

क्या यह कहावत केवल अंधों के लिए है?

नहीं, यह कहावत हर किसी के लिए है जो किसी नई या अज्ञात स्थिति में होता है।

क्या इस कहावत का कोई ऐतिहासिक संदर्भ है?

ऐतिहासिक रूप से इसका कोई निश्चित संदर्भ नहीं है, लेकिन यह जीवन के अनगिनत पहलुओं को समझने की महत्वपूर्ण बातें सिखाती है।

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