Budhimaan

Home » Hindi Muhavare » टुकड़ों पर पलना अर्थ, प्रयोग(Tukron par palna)

टुकड़ों पर पलना अर्थ, प्रयोग(Tukron par palna)

परिचय: “टुकड़ों पर पलना” एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है, जो आमतौर पर किसी की आर्थिक या सामाजिक निर्भरता को दर्शाता है। यह मुहावरा उन परिस्थितियों में प्रयोग किया जाता है जहाँ व्यक्ति को अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।

अर्थ: “टुकड़ों पर पलना” का अर्थ है किसी व्यक्ति का अपने जीवन के लिए दूसरों की दया या सहायता पर निर्भर रहना। यह अक्सर उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ कोई व्यक्ति आत्मनिर्भरता की कमी के कारण दूसरों के अवशेषों या बचे-खुचे संसाधनों पर जीवन यापन करता है।

प्रयोग: इस मुहावरे का प्रयोग आमतौर पर उन लोगों के संदर्भ में होता है जो आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर हैं या जिनकी जीविका दूसरों की दया पर टिकी हुई है।

उदाहरण:

-> रामू के पिता का देहांत हो जाने के बाद, उसका परिवार रिश्तेदारों के टुकड़ों पर पलने लगा।

-> पारुल ने नौकरी ढूँढने का फैसला किया क्योंकि वह अपने पति के टुकड़ों पर पलने का विचार बर्दाश्त नहीं कर सकती थी।

निष्कर्ष: “टुकड़ों पर पलना” मुहावरा हमें यह सिखाता है कि आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है और इसे प्रोत्साहित करना चाहिए। यह दिखाता है कि जीवन में अपने पैरों पर खड़े होना और दूसरों की दया पर निर्भर न रहना अत्यंत आवश्यक है। यह हमें आत्मसम्मान और स्वावलंबन का महत्व सिखाता है।

Hindi Muhavare Quiz

टुकड़ों पर पलना मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में जया नाम की एक युवती रहती थी। जया का परिवार बहुत गरीब था, और उनकी आजीविका मुख्य रूप से गाँव के धनी लोगों की दया पर निर्भर थी।

जया के पिता अस्वस्थ रहते थे, और उनकी माँ घरेलू कामों में व्यस्त रहतीं। इस वजह से, परिवार को अक्सर अपने पड़ोसियों के बचे-खुचे खाने पर निर्भर रहना पड़ता था। जया इस परिस्थिति से बहुत दुखी थी और उसने ठान ली थी कि वह इस जीवनशैली को बदलेगी।

जया ने अपनी पढ़ाई में ध्यान लगाया और स्कूल में अच्छे अंक प्राप्त किए। उसने छोटे-छोटे काम करके अपने परिवार के लिए कुछ पैसे भी जमा किए। जया का मकसद था कि वह अपने परिवार को “टुकड़ों पर पलने” की परिस्थिति से बाहर निकाले।

समय के साथ, जया की मेहनत रंग लाई। उसने एक छोटा व्यवसाय शुरू किया, जिससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। अब उन्हें किसी के टुकड़ों पर पलने की जरूरत नहीं थी।

जया की कहानी हमें यह सिखाती है कि आत्मनिर्भरता और कठिन परिश्रम से किसी भी स्थिति को बदला जा सकता है। “टुकड़ों पर पलना” केवल एक अस्थायी स्थिति है, जिसे दृढ़ संकल्प और मेहनत से परिवर्तित किया जा सकता है। जया की तरह, हम सभी को अपने जीवन में स्वावलंबन का पथ अपनाना चाहिए।

शायरी:

टुकड़ों पर पलने की कहानी छोड़, चल पड़े हैं खुद की राह पर,
जिंदगी की इस दौड़ में, अपने पंख खोलेंगे आसमान पर।
किस्मत के लिखे को मिटा, खुद की तकदीर लिखेंगे,
टुकड़ों पर पलने वाले दिन, बस यादों में रह जाएंगे।

अपनी मेहनत की चिंगारी से, अंधेरे को रोशन करेंगे,
टुकड़ों की जंजीरों को तोड़, नई दुनिया बसाएंगे।
सपनों की इस उड़ान में, हर मुश्किल से गुजरेंगे,
टुकड़ों पर पलने की बिसात को, अपने हौसलों से पार करेंगे।

आत्मनिर्भरता की राह पर, चलते-चलते ये दिल कहे,
टुकड़ों की दुनिया से ऊपर, अपनी दुनिया रचेंगे।
हर टुकड़े से बड़ी है खुद्दारी, इसे अपना सरमाया बनाएंगे,
अपने सपनों की उड़ान में, सिर्फ अपने पंखों पर भरोसा रखेंगे।

 

टुकड़ों पर पलना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of टुकड़ों पर पलना – Tukron par palna Idiom:

Introduction: “टुकड़ों पर पलना” (Tukron par palna) is a common Hindi idiom, usually indicative of economic or social dependency. This idiom is used in contexts where a person has to rely on others for their basic needs.

Meaning: The phrase “टुकड़ों पर पलना” means to depend on the mercy or assistance of others for one’s survival. It often represents a situation where a person, due to a lack of self-reliance, has to live off the leftovers or residual resources of others.

Usage: This idiom is typically used in reference to those who are economically dependent on others or whose livelihood is based on the charity of others.

Example:

-> After the demise of Ramu’s father, his family started surviving on the scraps provided by relatives.

-> Parul decided to look for a job because she couldn’t bear the thought of surviving on her husband’s scraps.

Conclusion: The idiom “टुकड़ों पर पलना” teaches us the importance of self-reliance and encourages its cultivation. It highlights the necessity of standing on one’s own feet in life and not being dependent on the mercy of others. It instills the values of self-respect and self-sufficiency.

Story of ‌‌Tukron par palna Idiom in English:

In a small village, there lived a young girl named Jaya. Jaya’s family was very poor, and their livelihood largely depended on the mercy of the village’s wealthy people.

Jaya’s father was ill, and her mother was busy with household chores. As a result, the family often had to rely on leftovers from their neighbors. Jaya was deeply saddened by this situation and resolved to change this lifestyle.

Jaya focused on her studies and performed well in school. She also did small jobs to save some money for her family. Her goal was to lift her family out of the situation of “surviving on scraps.”

Over time, Jaya’s hard work paid off. She started a small business, which improved her family’s financial situation. Now, they no longer needed to rely on others’ scraps for survival.

Jaya’s story teaches us that self-reliance and hard work can change any situation. “Surviving on scraps” is only a temporary state, which can be transformed through determination and effort. Like Jaya, we all should embrace the path of self-sufficiency in our lives.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

क्या “टुकड़ों पर पलना” का अन्य उपयोग है?

हां, इसका अन्य उपयोग है बेहद समर्थ और निर्दोष परिवारिक वा आपसी संबंधों को संबोधित करने के लिए।

क्या “टुकड़ों पर पलना” का उपयोग वास्तविक अद्भुतता में किया जाता है?

नहीं, यह एक मुहावरा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से भाषा की समृद्धता और अधिकता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

क्या है मुहावरा “टुकड़ों पर पलना” का अर्थ?

यह मुहावरा वह व्यक्ति या समूह को दरियादिली से विचार करने की बात करता है, जो किसी अज्ञात या गरीब व्यक्ति की मदद करता है।

क्या इस मुहावरे का कोई संबंध साहित्यिक या इतिहासिक कहानी से है?

नहीं, इसका कोई ऐसा संबंध नहीं है जो किसी विशेष साहित्यिक या इतिहासिक कहानी से हो।

यह मुहावरा किस भाषा का है?

“टुकड़ों पर पलना” हिंदी भाषा का मुहावरा है।

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

टिप्पणी करे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Budhimaan Team

Budhimaan Team

हर एक लेख बुधिमान की अनुभवी और समर्पित टीम द्वारा सोख समझकर और विस्तार से लिखा और समीक्षित किया जाता है। हमारी टीम में शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा देने में वर्षों का समय बिताया है। हम सुनिश्चित करते हैं कि आपको हमेशा सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी मिले।

संबंधित पोस्ट

"खाइए मनभाता पहनिए जगभाता मुहावरे का चित्रण", "गाँव की शादी में समाज के अनुरूप वेशभूषा में युवक", "सादगीपसंद खाने और समाजिक वस्त्रों में संतुलन", "Budhimaan.com पर जीवन शैली और संस्कृति"
Hindi Muhavare

खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता अर्थ, प्रयोग (Khaiye manbhata, Pahniye jagbhata)

परिचय: “खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता” यह एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है जो जीवन में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देता है। यह मुहावरा हमें

Read More »
"करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत मुहावरे का चित्रण", "सकारात्मक कार्यों में ऊर्जा निवेश करते व्यक्ति की छवि", "Budhimaan.com पर सकारात्मक योगदान की प्रेरणा", "विवादों की बजाय कर्म पर ध्यान केंद्रित करता किसान"
Hindi Muhavare

करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत अर्थ, प्रयोग (Karni na kartoot, Ladne ko majboot)

परिचय: “करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत” एक हिंदी मुहावरा है जो उन व्यक्तियों के व्यवहार को उजागर करता है जो वास्तव में तो कुछ

Read More »
"ईंट की लेनी पत्थर की देनी कहानी चित्र", "मुहावरे का विवेचन आलेख छवि", "छोटी गलती बड़ा प्रतिशोध इलस्ट्रेशन", "Budhimaan.com पर जीवन की सीख ग्राफिक्स"
Hindi Muhavare

ईंट की लेनी पत्थर की देनी अर्थ, प्रयोग (Eent ki leni patthar ki deni)

परिचय: “ईंट की लेनी पत्थर की देनी” यह मुहावरा हिन्दी भाषा में बहुत प्रचलित है, जिसका प्रयोग अक्सर किसी के द्वारा की गई छोटी कार्रवाई

Read More »
"उत्तम खेती मध्यम बान इमेज", "स्वावलंबन का महत्व चित्र", "भारतीय मुहावरे विश्लेषण ग्राफिक", "Budhimaan.com पर आत्मनिर्भरता लेख इमेज"
Hindi Muhavare

उत्तम खेती मध्यम बान, निकृष्ट चाकरी भीख निदान अर्थ, प्रयोग (Uttam kheti madhaym baan, Nikrasht chakri bheekh nidan)

परिचय: “उत्तम खेती मध्यम बान, निकृष्ट चाकरी भीख निदान” एक प्राचीन हिंदी मुहावरा है जो विभिन्न पेशों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की तुलना करता

Read More »

आजमाएं अपना ज्ञान!​

बुद्धिमान की इंटरैक्टिव क्विज़ श्रृंखला, शैक्षिक विशेषज्ञों के सहयोग से बनाई गई, आपको भारत के इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने ज्ञान को जांचने का अवसर देती है। पता लगाएं कि आप भारत की विविधता और समृद्धि को कितना समझते हैं।