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तिल-भर का अंतर अर्थ, प्रयोग (Til-bhar ka antar)

परिचय: ‘तिल-भर का अंतर’ एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है, जो बहुत ही सूक्ष्म या नगण्य अंतर को दर्शाता है। यह मुहावरा अक्सर उन परिस्थितियों में प्रयोग किया जाता है जहां दो चीजों, व्यक्तियों या परिस्थितियों के बीच मामूली अंतर होता है।

अर्थ: ‘तिल-भर का अंतर’ मुहावरे का शाब्दिक अर्थ है कि दो चीजों के बीच का अंतर एक तिल (सीसम सीड) के बराबर हो। लाक्षणिक अर्थ में, यह उस छोटे से अंतर को दर्शाता है जो अक्सर महत्वपूर्ण होता है लेकिन आसानी से नज़र नहीं आता।

प्रयोग: इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी को यह बताना हो कि दो चीजों के बीच केवल एक मामूली अंतर है, जो कभी-कभी बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। यह मुहावरा अक्सर उन मामलों में प्रयोग होता है जहां बहुत बारीक विवरण या अंतर का उल्लेख होता है।

उदाहरण:

-> दो जुड़वाँ भाइयों में तिल-भर का अंतर है, जिसे देखकर पहचानना मुश्किल है।

-> प्रतियोगिता में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों के अंकों में तिल-भर का अंतर था, जिससे विजेता का निर्णय कठिन हो गया।

निष्कर्ष: ‘तिल-भर का अंतर’ मुहावरा हमें यह बताता है कि कभी-कभी छोटे और सूक्ष्म विवरण भी महत्वपूर्ण होते हैं। यह मुहावरा हमें यह समझाता है कि जीवन में सूक्ष्म अंतरों का भी महत्व होता है और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह हमें सिखाता है कि विस्तार से ध्यान देने पर ही हम वास्तविक महत्व को समझ सकते हैं। इस मुहावरे के माध्यम से हमें यह ज्ञान मिलता है कि हर छोटी चीज में भी एक विशेष अर्थ निहित होता है और जीवन के हर पहलू में इसे अपनाना चाहिए। इस प्रकार, ‘तिल-भर का अंतर’ मुहावरा हमारी भाषा और सोच में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और हमें छोटी चीजों की अहमियत समझने की प्रेरणा देता है।

तिल-भर का अंतर मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में शुभ नाम का एक लड़का रहता था। शुभ को पतंग उड़ाने का बहुत शौक था। वह दिन-रात अपनी पतंगबाजी के कौशल को निखारने में लगा रहता।

एक दिन गाँव में पतंगबाजी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शुभ ने भी इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता काफी कठिन थी, और सभी प्रतियोगी बहुत ही कुशल थे। आखिर में, जब विजेता की घोषणा हुई, तो शुभ दूसरे स्थान पर रहा।

शुभ ने पाया कि उसके और प्रथम स्थान पर रहे प्रतियोगी के अंकों में बहुत ही मामूली अंतर था, जिसे ‘तिल-भर का अंतर’ कहा जा सकता है। शुभ ने महसूस किया कि अगर वह थोड़ा और ध्यान देता, तो शायद वह प्रथम स्थान पर होता।

इस घटना ने शुभ को एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया। उसने सीखा कि कभी-कभी छोटे से छोटे अंतर भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और वे हमारे जीवन में बड़े परिणाम ला सकते हैं। शुभ ने यह भी समझा कि प्रत्येक कार्य में बारीकी और सावधानी बहुत जरूरी होती है।

उस दिन के बाद, शुभ ने अपने हर कार्य में ‘तिल-भर का अंतर’ को महत्व देना शुरू किया। चाहे वह पतंगबाजी हो या पढ़ाई, उसने हर छोटे विवरण पर ध्यान देना शुरू कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, वह न केवल एक बेहतर पतंगबाज बना, बल्कि उसके अन्य कामों में भी सुधार हुआ। गाँव के लोग भी शुभ के इस परिवर्तन को देखकर प्रभावित हुए। वे कहते, “शुभ ने सीख लिया है कि तिल-भर का अंतर भी कितना मायने रखता है।”


शुभ की कहानी हमें बताती है कि ‘तिल-भर का अंतर’ वास्तव में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। यह मुहावरा हमें यह सिखाता है कि हर छोटी बात, हर सूक्ष्म विवरण महत्वपूर्ण होता है और हमारे जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकता है। इसलिए, हमें हर कार्य को बारीकी से करने की आवश्यकता है और हर छोटे अंतर को समझना चाहिए।

शायरी:

तिल-भर का अंतर भी, कहानी का हिस्सा है,

ज़िंदगी की इस दौड़ में, ये ही तो किस्सा है।

बारीकियों में छुपा, जीवन का सार है,

जैसे चाँदनी रात में, चमकता इकतारा है।

जिसने इस अंतर को पहचाना, वो सफलता का राज़ है,

जैसे समुंदर की गहराई में, छुपा नीलम का राज़ है।

तिल-भर की दूरी में ही, कभी-कभी जीत है छिपी,

जैसे हर शाम के बाद, नई सुबह की तस्वीर दिखी।

हर छोटे पल में भी, एक उम्मीद की किरण है,

जैसे हर घने अंधेरे में, रौशनी का एक जहां है।

तिल-भर के अंतर से, जीवन का सबक सीखा,

बारीकी से जीने में ही, सच्चे सुख का रास्ता दीखा।

 

तिल-भर का अंतर शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of तिल-भर का अंतर – Til-bhar ka antar Idiom:

Introduction: ‘Til-bhar ka antar’ (A difference as small as a sesame seed) is a popular Hindi idiom that denotes a very subtle or negligible difference. This phrase is often used in situations where there is a minor difference between two things, people, or scenarios.

Meaning: The literal meaning of the idiom ‘Til-bhar ka antar’ is that the difference between two things is as small as a sesame seed. Figuratively, it indicates a tiny difference that is often significant but not easily noticeable.

Usage: This idiom is employed when one needs to express that there is only a minor difference between two things, which can sometimes be very important. It is often used in cases where minute details or differences are mentioned.

Example:

-> There is just a ’til-bhar ka antar’ (a very minute difference) between the twin brothers, making it difficult to distinguish between them.

-> In the competition, there was just a ’til-bhar ka antar’ (a very slight difference) in the scores of the first and second place winners, which made the decision of the winner difficult.

Conclusion: The idiom ‘Til-bhar ka antar’ teaches us that sometimes even small and subtle details are significant. It enlightens us that subtle differences in life are important and should not be overlooked. It teaches that only by paying attention to details can we understand the true importance. Through this idiom, we learn that every small thing has a special meaning and should be adopted in every aspect of life. Thus, the idiom ‘Til-bhar ka antar’ holds a significant place in our language and thought, inspiring us to understand the importance of small things.

Story of ‌‌Til-bhar ka antar Idiom in English:

In a small village, there lived a boy named Shubh. Shubh had a great passion for flying kites. He spent day and night honing his skills in kite flying.

One day, a kite flying competition was organized in the village. Shubh also participated in it. The competition was tough, and all the competitors were highly skilled. In the end, when the winner was announced, Shubh secured the second position.

Shubh noticed that there was only a minimal difference in points between him and the competitor who won first place, which could be described as ’til-bhar ka antar’ (a difference as small as a sesame seed). Shubh realized that if he had paid a little more attention, he might have been in first place.

This incident taught Shubh an important lesson. He learned that sometimes even the smallest of differences are significant and can bring major outcomes in our lives. Shubh also understood that attention to detail and caution is essential in every task.

From that day onwards, Shubh started valuing the ’til-bhar ka antar’ in all his tasks. Whether it was kite flying or studying, he began paying attention to every small detail. As a result, he not only became a better kite flyer but also improved in his other activities. The villagers too were impressed by Shubh’s transformation. They said, “Shubh has learned how even a ’til-bhar ka antar’ can make a significant difference.”

Shubh’s story teaches us the importance of the idiom ’til-bhar ka antar’. It reminds us that every small thing and every subtle detail is important and can bring significant changes in our lives. Therefore, we need to perform every task with precision and understand every small difference.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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