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तिल-भर जगह न होना अर्थ, प्रयोग (Til-bhar jagah na hona)

परिचय: “तिल-भर जगह न होना” हिंदी भाषा का एक लोकप्रिय मुहावरा है, जो अक्सर भारी भीड़ या अत्यधिक भरे हुए स्थानों का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

अर्थ: “तिल-भर जगह न होना” का अर्थ होता है कि किसी स्थान पर बहुत ही कम या ना के बराबर जगह होना। यह मुहावरा अत्यधिक भीड़भाड़ या जगह की कमी को व्यक्त करता है।

प्रयोग: इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है, जब कोई स्थान इतना भरा होता है कि वहां खड़े होने तक की जगह नहीं होती। यह अक्सर बाजार, सार्वजनिक परिवहन, उत्सव स्थलों आदि में उपयोग होता है।

उदाहरण:

-> दिवाली के दिन बाजार में ‘तिल-भर जगह न होने’ के कारण, वहां चलना मुश्किल हो गया।

-> उस संगीत समारोह में ‘तिल-भर जगह न होने’ के बावजूद, लोग उत्साह से भरे हुए थे।

निष्कर्ष: “तिल-भर जगह न होना” मुहावरा हमारी बोलचाल की भाषा में अक्सर प्रयोग में आता है। यह मुहावरा हमें भारतीय समाज में आम होने वाली भीड़भाड़ और स्थानों की कमी की वास्तविकता से अवगत कराता है। इसका प्रयोग न केवल वास्तविक स्थितियों का वर्णन करता है, बल्कि कई बार यह उन परिस्थितियों को भी दर्शाता है जहां लोगों के बीच की नजदीकियां और सहयोग की भावना देखी जा सकती है। इस प्रकार, यह मुहावरा हमें हमारे सामाजिक जीवन के एक महत्वपूर्ण पहलू से परिचित कराता है और हमें सिखाता है कि किस प्रकार हमें विभिन्न परिस्थितियों में धैर्य और सहनशीलता का परिचय देना चाहिए।

तिल-भर जगह न होना मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में अमन नाम का एक युवक रहता था। दिवाली के त्योहार के दिन, अमन ने सोचा कि वह बाजार से कुछ सामान खरीदेगा। वह उत्साहित था क्योंकि दिवाली का बाजार हमेशा रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट से भरा होता है।

जैसे ही वह बाजार पहुंचा, उसे वहां की भीड़ देखकर आश्चर्य हुआ। हर तरफ लोग ही लोग थे। दुकानें सजी हुई थीं और हर गली में चहल-पहल थी। अमन ने सोचा, “यहाँ तो ‘तिल-भर जगह नहीं है।'”

अमन को एक दुकान से दूसरे दुकान तक जाने में काफी मुश्किल हो रही थी। हर जगह इतनी भीड़ थी कि चलना भी दुष्कर हो गया था। उसने महसूस किया कि इस भीड़ में उसे अपनी ज़रूरत का सामान खरीदने में बहुत समय लगेगा।

फिर भी, अमन ने हिम्मत नहीं हारी। वह धीरे-धीरे चलता रहा और अंततः वह सभी सामान खरीद पाया, जो उसे चाहिए था। घर लौटते हुए अमन सोच रहा था कि कैसे बाज़ार की भीड़ ने उसके लिए एक चुनौती पैदा की थी, लेकिन साथ ही उसे धैर्य और सहनशक्ति का भी पाठ पढ़ाया।

“वाकई, आज बाजार में ‘तिल-भर जगह न होने’ के बावजूद, मैंने अपने काम को पूरा किया।” अमन ने खुद से कहा। उस दिन अमन ने सीखा कि कैसे भीड़भाड़ और कम जगह होने पर भी धैर्य और संयम से काम लिया जा सकता है।

इस कहानी के माध्यम से, “तिल-भर जगह न होना” मुहावरे का अर्थ स्पष्ट होता है। यह मुहावरा न केवल भीड़भाड़ और स्थान की कमी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे हमें विभिन्न परिस्थितियों में अपनी सहनशीलता और धैर्य का परिचय देना चाहिए।

शायरी:

बाज़ार की भीड़ में खोया हुआ मैं,

‘तिल-भर जगह न होने’ की बात समझाता हूँ।

हर कदम पर ठोकरें, फिर भी चलता जाता हूँ,

इस जीवन के मेले में, खुद को तलाशता हूँ।

दुनिया की इस भीड़ में सब कुछ भुला बैठा,

जहाँ ‘तिल-भर जगह न हो’, वहाँ दिल लगा बैठा।

रिश्तों की इस भीड़ में, अपनों को पहचानता हूँ,

इन भीड़भाड़ वाली गलियों में, खुद को आजमाता हूँ।

इस जगह की कमी में भी, खुशियों की राह देखता हूँ,

‘तिल-भर जगह न होने’ पर भी, उम्मीदों का दीप जलाता हूँ।

हर भीड़ में एक कहानी, हर राह में एक अनुभव है,

जीवन की इस यात्रा में, हर कदम पर एक नया सबक है।

 

तिल-भर जगह न होना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of तिल-भर जगह न होना – Til-bhar jagah na hona Idiom:

Introduction: “तिल-भर जगह न होना” is a popular Hindi idiom often used to describe heavily crowded or overly packed places.

Meaning: The literal meaning of “तिल-भर जगह न होना” is to have extremely little or almost no space at a place. This idiom expresses the situation of extreme overcrowding or lack of space.

Usage: This phrase is used when a place is so crowded that there is not even enough space to stand. It is commonly used in contexts like markets, public transport, festival venues, etc.

Example:

-> On the day of Diwali, it became difficult to walk in the market due to ‘no space even for a sesame seed (तिल-भर जगह न होने).’

-> Despite ‘no space even for a sesame seed (तिल-भर जगह न होने)’ in the music concert, people were filled with enthusiasm.

Conclusion: The idiom “तिल-भर जगह न होना” is frequently used in our conversational language. It acquaints us with the reality of overcrowding and lack of space common in Indian society. Its use not only describes actual situations but also sometimes depicts the closeness and cooperation among people in such circumstances. Thus, this idiom introduces us to an important aspect of our social life and teaches us how to exhibit patience and tolerance in various situations.

Story of ‌‌Til-bhar jagah na hona Idiom in English:

In a small village, there lived a young man named Aman. On the day of the Diwali festival, Aman decided to buy some items from the market. He was excited because the Diwali market is always filled with colorful lights and decorations.

As soon as he reached the market, he was surprised to see the crowd there. People were everywhere. The shops were decorated, and every street was bustling. Aman thought to himself, “There’s not even ‘space as small as a sesame seed’ here.”

Aman found it very difficult to move from one shop to another. The place was so crowded that it became challenging to even walk. He realized that it would take him a long time to buy the things he needed in this crowd.

Nevertheless, Aman did not lose heart. He kept moving slowly and finally managed to buy all the items he needed. While returning home, Aman reflected on how the market’s crowd had posed a challenge for him, but it also taught him patience and endurance.

“Indeed, despite there being ‘no space even as small as a sesame seed’ in the market today, I completed my task,” Aman said to himself. That day, Aman learned how patience and composure could be maintained even in crowded and constrained spaces.

Through this story, the meaning of the idiom “तिल-भर जगह न होना” becomes clear. This idiom not only illustrates the situations of overcrowding and lack of space but also shows how we should exhibit our tolerance and patience in various situations.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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