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ठोकर खाकर सीखना अर्थ, प्रयोग(Thokar Khakar Seekhna)

परिचय: “ठोकर खाकर सीखना” एक लोकप्रिय हिंदी मुहावरा है, जो जीवन के अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया को दर्शाता है। यह मुहावरा अक्सर उन स्थितियों में प्रयोग किया जाता है जब व्यक्ति अपनी गलतियों और कठिनाइयों से सबक लेता है।

अर्थ: “ठोकर खाकर सीखना” का शाब्दिक अर्थ है असफलताओं या गलतियों के कारण कठिनाइयों का सामना करना और उनसे सीखना। यह मुहावरा जीवन में संघर्ष करने और उन संघर्षों से सीख कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

प्रयोग: यह मुहावरा व्यक्तिगत विकास और आत्म-सुधार के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है। यह उन परिस्थितियों में उपयोगी होता है जहां व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखता है और उन्हें अपनी सफलता के पथ पर एक कदम के रूप में देखता है।

उदाहरण:

-> सुरेंद्र ने अपने व्यवसाय में अनेक बार ठोकर खाई, लेकिन हर बार वह इनसे कुछ न कुछ सीखता रहा।

-> मीरा ने अपनी पहली नौकरी में कई गलतियाँ की, लेकिन ठोकर खाकर सीखने की उसकी क्षमता ने उसे एक सफल प्रबंधक बना दिया।

निष्कर्ष: “ठोकर खाकर सीखना” मुहावरा यह संदेश देता है कि असफलताएं और गलतियाँ जीवन का हिस्सा हैं और इनसे सीखना ही सफलता की कुंजी है। यह हमें बताता है कि जीवन में संघर्ष और चुनौतियां हमें और अधिक सशक्त और समझदार बनाती हैं। इस प्रकार, हमें अपनी गलतियों से सीखने और उन्हें अपनी सफलता की सीढ़ी बनाने का प्रयास करना चाहिए।

Hindi Muhavare Quiz

ठोकर खाकर सीखना मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे गांव में अनुज नामक एक युवा लड़का रहता था। वह बहुत ही उत्साही और मेहनती था, लेकिन उसे जीवन के अनुभवों की कमी थी।

अनुज ने अपना व्यापार शुरू करने का निर्णय लिया। उसने बिना बाजार की समझ और पूर्व अनुभव के अपना पैसा निवेश किया। पहले कुछ महीनों में, उसने बड़े नुकसान का सामना किया।

इस नुकसान ने अनुज को काफी ठोकर खिलाई, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी गलतियों से सीख ली और धीरे-धीरे व्यापार में बदलाव किए।

अनुज ने बाजार की गहराई से समझ विकसित की, ग्राहकों की जरूरतों को समझा और अपने व्यवसाय को उस अनुसार ढाला। इसके बाद, उसका व्यवसाय फलने-फूलने लगा।

इस कहानी के माध्यम से हम समझते हैं कि “ठोकर खाकर सीखना” यानी असफलताओं और गलतियों से सीखना, जीवन में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। अनुज की कहानी हमें बताती है कि ठोकरें हमें कमजोर नहीं, बल्कि और अधिक समझदार और मजबूत बनाती हैं।

शायरी:

जिंदगी के सफर में, हर ठोकर से कुछ सीखा है मैंने,

हर गिरकर उठने में, नई उम्मीदें बीखा है मैंने।

ठोकरें जो खाई हैं, उनसे ही तो राह मिली है,

हर मुश्किल से लड़कर, जीत की बाहें खुली हैं।

गिरकर, संभलकर, फिर से चल पड़ा हूँ,

ठोकरों ने ही तो मुझे, जीने का हुनर सिखा दिया है।

जिन्हें देखकर दुनिया ने, पराजय कहा,

उन्हीं ठोकरों से मैंने, जीत का तराना गाया है।

जिंदगी में हर ठोकर, एक नया सबक है,

हर बार गिरकर उठना, यही तो जिंदगी का मज़ाक है।

 

ठोकर खाकर सीखना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of ठोकर खाकर सीखना – Thokar Khakar Seekhna Idiom:

Introduction: “Thokar Khakar Seekhna” is a popular Hindi idiom, which reflects the process of learning from life’s experiences. This phrase is often used in situations where a person learns from their mistakes and difficulties.

Meaning: Literally, “Thokar Khakar Seekhna” means facing difficulties due to failures or mistakes and learning from them. The idiom inspires perseverance and learning from the struggles in life to move forward.

Usage: This idiom is used in the context of personal development and self-improvement. It is helpful in situations where an individual learns from their mistakes and sees them as a step towards their path to success.

Example:

-> Surendra faced many setbacks in his business, but each time he learned something new from them.

-> Meera made several mistakes in her first job, but her ability to learn from these setbacks made her a successful manager.

Conclusion: The idiom “Thokar Khakar Seekhna” conveys the message that failures and mistakes are a part of life and learning from them is the key to success. It tells us that struggles and challenges in life make us stronger and wiser. Thus, we should strive to learn from our mistakes and turn them into stepping stones for success.

Story of ‌‌Thokar Khakar Seekhna Idiom in English:

In a small village lived a young boy named Anuj. He was very enthusiastic and hardworking, but lacked life experience.

Anuj decided to start his own business. He invested his money without understanding the market and without prior experience. In the first few months, he faced significant losses.

These losses were a major setback for Anuj, but he did not give up. He learned from his mistakes and gradually made changes in his business.

Anuj developed a deep understanding of the market, understood the needs of his customers, and adapted his business accordingly. Following these changes, his business began to flourish.

This story helps us understand that “learning from stumbling” – learning from failures and mistakes – is an important aspect of progressing in life. Anuj’s story teaches us that stumbling does not weaken us; rather, it makes us wiser and stronger.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

‘ठोकर खाकर सीखना’ का कोई उपयोग कैसे किया जाता है?

यह मुहावरा अक्सर जीवन में हुए गलतियों से सीखने के संदेश के रूप में उपयोग किया जाता है।

इस मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

इस मुहावरे का अर्थ होता है कि हमें अपनी गलतियों और अनुभवों से सीखना चाहिए।

क्या होता है ‘ठोकर खाकर सीखना’ मुहावरा?

‘ठोकर खाकर सीखना’ मुहावरा उस अनुभव को दर्शाता है जब हम किसी गलती या अनुभव से सीखते हैं।

क्या यह मुहावरा केवल गलतियों के संदर्भ में ही उपयोगी है?

नहीं, इस मुहावरे को जीवन के हर क्षेत्र में उपयोग किया जा सकता है। यह जीवन के हर पहलू को समझने और सीखने का संकेत देता है।

क्या इस मुहावरे का कोई विरोधी मुहावरा है?

नहीं, “ठोकर खाकर सीखना” का कोई विरोधी मुहावरा नहीं है। इसका एक ही अर्थ होता है और वह है गलतियों से सीखना।

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

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