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टस से मस ना होना, अर्थ, प्रयोग(Tas se mas na hona)

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“टस से मस ना होना” भारतीय हिंदी भाषा में एक लोकप्रिय मुहावरा है जिसका प्रयोग अक्सर होता है जब किसी बात का कोई प्रभाव नहीं पड़ता हो।

अर्थ: जब हम कहते हैं “टस से मस ना होना”, तो इसका मतलब होता है कि किसी विशेष स्थिति, घटना या व्यक्ति पर किसी बात का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।

उदाहरण:

-> “राम ने अपने दोस्त को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उस पर उसकी बातों का कोई असर नहीं हुआ वह तो टस से मस भी नहीं हुआ।”

-> “अध्यापक ने छात्रों को छमाई परीक्षा की चेतावनी दी, लेकिन छात्र इस बात पर टस से मस भी नहीं हुए ।”

प्रयोग: जब हम किसी व्यक्ति, स्थिति या घटना पर किसी बात के असर की कमी को दर्शाना चाहते हैं, हम “टस से मस ना होना” मुहावरे का प्रयोग कर सकते हैं।

विवरण: “टस से मस ना होना” वाक्यांश का प्रयोग व्यक्ति या परिस्थितियों पर किसी बात के अभाव में प्रभाव को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह एक बहुत ही प्रचलित मुहावरा है जो अक्सर लोगों द्वारा प्रयुक्त होता है।

आशा है कि आपको “टस से मस ना होना” मुहावरे के बारे में जानकारी पसंद आई होगी। और हिंदी भाषा की अन्य रोचक जानकारियों के लिए budhimaan.com जाएं। धन्यवाद!

टस से मस ना होना मुहावरा पर कहानी:

विद्यालय में श्रीमान शर्मा एक सख्त और अनुभवी शिक्षक थे। वह हमेशा अपने छात्रों को समय समय पर समझाते रहते थे कि यदि वे अध्ययन नहीं करेंगे, तो परीक्षा में विफल हो सकते हैं। लेकिन उसकी श्रेणी में रामू नामक एक छात्र था, जिसे यह सलाह बिलकुल भी परवाह नहीं थी।

जब भी श्रीमान शर्मा उसे समझाते, वह मुस्कराता और उनकी बातों को नकार देता। श्रीमान शर्मा की चेतावनियों पर रामू टस से मस नहीं हुआ।

महीनों बीत गए, और अब समय आ गया था वार्षिक परीक्षा का। जब परीक्षा के परिणाम आए, तो रामू को समझ में आ गया कि उसकी लापरवाही उसे कहा ले आयी। वह परीक्षा में विफल हो गया।

जब वह अपनी असफलता को देखता है, तो वह याद करता है श्रीमान शर्मा की सभी चेतावनियां। उसे समझ में आता है कि उसकी लापरवाही और अध्ययन में अवसादन के कारण ही वह विफल हुआ है।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब हमें सही मार्गदर्शन मिले, हमें उस पर ध्यान देना चाहिए, वरना हम भी जीवन की परीक्षा में विफल हो सकते हैं।

शायरी:

टस से मस को समझा, ग़ज़लों में बहक गया,

चेतावनी थी मस्तानी की, फिर भी ध्यान मैं न लाया।

अब जब समझ आई, हर रंग में फिका मैं पड़ गया, 

जीवन की रचनाएँ, अधूरी सी लगने लगी, जीत दूर खड़ी मुस्कराया।

 

टस से मस ना होना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of टस से मस ना होना – Tas se mas na hona Idiom:

“Tas se mas na hona” is a popular idiom in the Indian Hindi language. It is often used when something has no effect.

Meaning:  When we say “Tas se mas na hona”, it means that a particular situation, event, or person is unaffected by something.

Examples:

-> “Ram tried hard to explain to his friend, but his words had no impact. He remained completely unaffected.”

-> “The teacher warned the students about the upcoming exam, but the students remained completely indifferent to it.”

Usage: When we want to show the lack of effect of something on a person, situation, or event, we can use the idiom “Tas se mas na hona”.

Explanation:  The phrase “Tas se mas na hona” is used to depict the absence of an effect on a person or situation. It is a widely used idiom often employed by people. We hope you found the information about the idiom “Tas se mas na hona” interesting.

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Story of ‌‌Tas se mas na hona in English:

In school, Mr. Sharma was a strict and experienced teacher. He would consistently advise his students that if they didn’t study, they might fail in the exams. However, there was a student in his class named Ramu, who was completely indifferent to this advice.

Whenever Mr. Sharma tried to counsel him, Ramu would just smile and dismiss his words. Ramu remained wholly unaffected by Mr. Sharma’s warnings.

Months passed, and the time for the annual examinations arrived. When the results were declared, Ramu realised where his negligence had led him. He had failed the exam.

Reflecting on his failure, he remembered all the warnings of Mr. Sharma. He realised that his negligence and lack of dedication to studies were the reasons for his failure.

This story teaches us that when we receive proper guidance, we should pay attention to it, or else we might also fail in the tests of life.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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