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सौ सुनार की एक लोहार की मुहावरा, अर्थ, प्रयोग(Sau sunar ki ek lohar ki)

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अर्थ: सौ सुनार की एक लोहार की, यह मुहावरा दरअसल एक बार में किये गए प्रभावशाली और मजबूत कार्य के महत्व को बताता है। सौ सुनार की से यहाँ पर किसी काम को धीरे-धीरे करने से है, जबकि ‘एक लोहार की ‘ में काम को प्रभावशाली तरीके से संपन्न करने से है।

उदाहरण:

-> राम अपनी पढ़ाई में बहुत ही ध्यान और समर्पण से लगा रहा है। वह समझता है कि सौ बार अध्ययन करने से अच्छा है कि एक बार प्रभावशाली और समझदारी से पढ़ाई करो। वाक्यांश में ‘सौ सुनार की एक लोहार की’ का अर्थ समझ आ रहा है।

-> अगर तुम्हें व्यायाम करना है तो सौ बार हल्के-फुल्के व्यायाम करने की जगह एक बार अच्छे से व्यायाम करो। यहाँ पर भी ‘सौ सुनार की एक लोहार की’ की भावना दिखाई दे रही है।

वाक्य में प्रयोग: इस मुहावरे का उपयोग तब किया जाता है जब किसी एक प्रभावशाली और मजबूत कार्य की बार-बार किए जाने वाले कार्य से तुलना की जाती है।

विशेष टिप्पणी:

इस तरह, ‘सौ सुनार की एक लोहार की’ मुहावरा हमें यह सिखाता है कि किसी भी कार्य में मात्रा से ज्यादा मायने गुणवत्ता की है। अगर हम कोई कार्य ठोस और मजबूत तरीके से करते हैं, तो वह कार्य बार-बार किए जाने वाले कार्य से ज्यादा प्रभावशाली होता है।

सौ सुनार की एक लोहार की मुहावरा पर कहानी:

गाँव में एक बड़ी समस्या थी – पानी की कमी। सरपंच ने तय किया कि गाँव में एक तालाब खोदा जाएगा। इसके लिए उसने दो समूहों को काम पर लगाया। एक समूह में सौ मजदूर थे, और दूसरे में सिर्फ एक, लेकिन उसके पास एक मशीन थी।

सौ मजदूर हर दिन पूरी मेहनत से काम करते थे, परंतु उनका काम दिशाहीन और धीमा होता जा रहा था। वे अपने हाथों से धीरे-धीरे मिट्टी खोदते और उसे बाहर उठाते थे।

वहीं, वह अकेला मजदूर अपनी मशीन का उपयोग करके तेजी से मिट्टी खोद रहा था। उसकी मशीन एक बार में ज्यादा मिट्टी उठा लेती और साफ और स्थिरता से काम करती।

कुछ ही दिनों में जब सरपंच तालाब की प्रगति देखने पहुँचा, तो उसने देखा कि वह अकेला मजदूर अपनी मशीन के साथ ज्यादा प्रगति कर चुका था, जबकि सौ मजदूर अभी भी पहले चरण में ही थे।

सरपंच ने गाँववालों से कहा, “देखो, इसे कहते हैं ‘सौ सुनार की एक लोहार की’। एक मशीन उपयोगकर्ता ने जो काम जल्दी और प्रभावशाली तरीके से किया, वह सौ मजदूर धीमे-धीमे और असंगठित तरीके से कर रहे थे।”

इस कथा से हमें यह सिखने को मिलता है कि सिर्फ बड़ी संख्या या बार-बार काम करने से बेहतर है कि हम काम को सही और प्रभावशाली तरीके से करें।

शायरी:

जिसकी धीरे-धीरे बढ़े चरणों की आहट,

संगीनी धवनियों में बुने वक्त की बात।

फिर आता है वह, जो चले तूफ़ान की तरह,

काम जैसे , सौ सुनार की, एक लोहार की तरह।

 

सौ सुनार की एक लोहार की शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of सौ सुनार की एक लोहार की – Sau sunar ki ek lohar ki Idiom:

Meaning: This idiom essentially emphasizes the importance of a single effective and robust action. “Sau sunar ki” refers to performing a task slowly or repetitively, while “ek lohar ki” pertains to completing the task in a more impactful manner.

Usage: This idiom is used when comparing one impactful and strong action to actions performed repeatedly.

Examples:

-> Ram is very focused and dedicated to his studies. He believes that instead of studying a topic a hundred times, it’s better to study it once but with intelligence and efficiency. In this sentence, the essence of the phrase “Sau sunar ki ek lohar ki” is apparent.

-> If you want to exercise, instead of doing light exercises a hundred times, exercise thoroughly once. Here too, the sentiment of “Sau sunar ki ek lohar ki” is being conveyed. Thus, the idiom “Sau sunar ki ek lohar ki” teaches us that quality holds more significance than quantity in any work. If we perform any task with solidity and strength, it is more impactful than actions done repeatedly.

Story of ‌‌Sau sunar ki ek lohar ki Idiom in English:

There was a major problem in the village – a shortage of water. The village head (Sarpanch) decided to dig a pond in the village. For this, he assigned the task to two groups. One group had a hundred laborers, and the other had just one, but he had a machine.

The hundred labourers worked hard every day, but their progress was directionless and slow. They dug the soil bit by bit with their hands and removed it slowly.

On the other hand, the lone labourer was rapidly excavating the soil using his machine. His machine could lift more soil at once and worked with precision and consistency.

After just a few days, when the Sarpanch visited to check the progress of the pond, he noticed that the lone labourer with his machine had made much more progress, while the hundred labourers were still in the initial stages.

The Sarpanch said to the villagers, “Look, this is what they call ‘a single blacksmith equals a hundred goldsmiths.’ The user of one machine did the work quickly and effectively, whereas a hundred labourers were doing it slowly and in an unorganised manner.”

From this tale, we learn that instead of just having large numbers or doing tasks repetitively, it is better to do the work in a correct and effective manner.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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