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सांप को दूध पिलाना, अर्थ, प्रयोग(Saanp ko doodh pilana)

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हिंदी भाषा में अनेक मुहावरे हैं जो हमें जीवन के अनेक पहलुओं को समझाने में मदद करते हैं। ‘सांप को दूध पिलाना’ भी ऐसा ही एक मुहावरा है।

अर्थ: “सांप को दूध पिलाना” का अर्थ है किसी दुर्जन या बुरे व्यक्ति की सहायता करना, जिससे वह और भी शक्तिशाली हो जाए। इससे आमतौर पर उस व्यक्ति के द्वारा और भी अधिक नकरात्मक क्रियावली की संभावना बढ़ जाती है।

उदाहरण:

-> अभय अपने दुश्मन की मदद कर रहा है, वह सांप को दूध पिला रहा है।

-> अगर आप उस चोर की सहायता करते हैं, तो आप सांप को दूध पिला रहे हैं।

विवेचना: जब हम किसी दुर्जन या बुरे व्यक्ति की सहायता करते हैं, तो उसे हमारी मदद से और भी अधिक ताकत मिलती है। जैसे सांप को दूध पिलाने से वह और भी ज्यादा जागरूक और ज़हरीला हो जाता है। इसलिए, हमें सोच-समझकर अपनी मदद और समर्थन देने में सतर्क रहना चाहिए।

निष्कर्ष: ‘सांप को दूध पिलाना’ मुहावरा हमें यह सिखाता है कि हमें चाहिए कि बिना सोचे-समझे किसी भी व्यक्ति की सहायता ना करें, खासकर जब वह व्यक्ति हमारे लिए हानिकारक हो।

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सांप को दूध पिलाना मुहावरा पर कहानी:

गंगानगर नामक एक शहर में अखिल नामक एक व्यक्ति रहता था। अखिल बहुत ईमानदार और दयालु था, और वह आमतौर पर अन्य लोगों की मदद करता था।

एक दिन, वह विशाल नामक एक पुराने साथी से मिला। विशाल पहले एक सम्मानित व्यक्ति था, लेकिन समय के साथ उसकी आदतें बदल गई थीं और अब वह शहर में एक बड़ा अपराधी बन गया था।

विशाल अखिल से मदद मांगता है, बताता है कि वह अपनी गलतियों को सुधारना चाहता है और एक नई जिंदगी शुरू करना चाहता है। अखिल उसकी बातों में फंस जाता है और उसे अपने घर में शरण देता है।

अखिल की इस अच्छाई को देखकर, शहर के अन्य लोग उससे पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कर रहा है, जबकि विशाल की खराब प्रवृत्तियों का पता चल गया है। लेकिन अखिल विशाल पर भरोसा करता है और उसे उसके घर में रहने देता है।

कुछ समय बाद, विशाल अपने असली रंग दिखाता है। वह अखिल के घर से बहुत सारा सामान और पैसा चुरा लेता है और भाग जाता है। अखिल को समझ में आता है कि उसने अपनी दयालुता से एक अपराधी को सहायक हाथ बढ़ाया।

शहर के लोग अखिल से कहते हैं, “तुमने सांप को दूध पिलाया।” इसका मतलब था कि अखिल ने एक अपराधी की मदद की और उसे शरण प्रदान की जिससे वह और भी अधिक अपराध कर सका।

इस कहानी से हमें यह सिखाया जाता है कि हमें सहायता करते समय सोच समझकर कदम उठाना चाहिए, विशेष रूप से जब यह सम्बंधित हो उनसे जिनकी प्रवृत्तियों का हमें पूर्व में ही पता हो।

शायरी:

सांप को दूध पिलाया है हमने, इश्क के मैदान में,

जो आँखों में विश्वास था, वही दिल को धोखा देने चला।

खेल खेल में खो गया विश्वास, धोखे का खेल बना,

हर मोहब्बत में हो जैसे, सांप का डसना छुपा।

 

सांप को दूध पिलाना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of सांप को दूध पिलाना – Saap ko doodh pilana Idiom:

There are many idioms in the Hindi language that help us understand various aspects of life. ‘Saap ko doodh pilana’ is one such idiom.

Meaning: “Saap ko doodh pilana” translates to “feeding milk to a snake” in English. This idiom means to assist or help a malicious or wicked person, which can empower them further. Generally, it suggests that aiding such a person can increase the chances of them causing even more harm.

Usage:

-> Abhay is helping his enemy; he’s feeding milk to a snake.

-> If you assist that thief, then you’re feeding milk to a snake.

Discussion: When we aid a malevolent or harmful individual, we inadvertently give them more power and strength. Just as feeding milk to a snake can make it more alert and venomous, helping a wicked person can make them stronger. Thus, we should be cautious about whom we extend our help and support.

Conclusion: The idiom ‘feeding milk to a snake’ teaches us that we should think before assisting anyone, especially when that person can be harmful to us.

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Story of ‌‌Saap ko doodh pilana Idiom in English:

In a city named Ganganagar, there lived a man named Akhil. Akhil was very honest and compassionate, often helping others in need.

One day, he met Vishal, an old acquaintance. Vishal was once a respected individual, but over time, his habits changed, and he had become a notorious criminal in the city.

Vishal sought Akhil’s help, claiming he wanted to mend his ways and start a new life. Akhil, being trusting, took him in and sheltered him at his home.

Seeing this act of kindness, other townspeople questioned Akhil about why he was helping Vishal, especially when Vishal’s malevolent tendencies were well-known. However, Akhil had faith in Vishal and allowed him to stay.

After some time, Vishal revealed his true colors. He stole a lot of valuables and money from Akhil’s home and fled. Akhil realized that his benevolence had inadvertently aided a criminal.

The townspeople said to Akhil, “You fed milk to the snake.” This meant that Akhil had helped and sheltered a criminal, enabling him to commit more crimes.

The story teaches us that we should tread cautiously when extending help, especially towards those whose malevolent tendencies are already known to us.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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