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पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में अर्थ, प्रयोग(Panchon ungliyan ghee mein aur sir kadhai mein)

परिचय: “पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में” यह एक लोकप्रिय हिंदी मुहावरा है, जो उस स्थिति को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति लाभ के सभी अवसरों का लाभ उठाना चाहता है, परन्तु इसके लिए वह जोखिम उठाने से भी नहीं डरता।

अर्थ: इस मुहावरे का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को सभी सुख सुविधाएं चाहिए होती हैं, परंतु वह इसके लिए किसी भी प्रकार के जोखिम का सामना करने को तैयार होता है। यह लालच और साहस का संयोजन प्रदर्शित करता है।

प्रयोग: इस मुहावरे का प्रयोग उन परिस्थितियों में किया जाता है जहां कोई व्यक्ति लाभ के लिए बड़े जोखिम उठाने को तैयार होता है।

उदाहरण:

-> व्यापारी जो अधिक मुनाफे के लिए बड़े जोखिम उठाता है, उसे कहा जा सकता है कि “वह पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में रखता है।”

-> एक नेता जो अपनी प्रतिष्ठा के लिए बड़े खतरे उठाता है, उसके बारे में भी यही कहा जा सकता है।

निष्कर्ष: “पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में” मुहावरा हमें यह बताता है कि जीवन में बड़े लाभ के लिए बड़े जोखिम उठाने पड़ते हैं। यह यह भी दर्शाता है कि कभी-कभी लालच में आकर व्यक्ति अधिक जोखिम उठा लेता है, जिससे उसके लिए समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। अतः, यह मुहावरा हमें संयम और सावधानी बरतने की सीख देता है।

Hindi Muhavare Quiz

पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में विनीत नामक एक लालची व्यापारी रहता था। विनीत का हमेशा यही सपना था कि वह अमीर बने और इसके लिए वह हर तरह के जोखिम उठाने को तैयार रहता था।

एक दिन विनीत को पता चला कि पास के शहर में एक बड़ा व्यापारिक मेला लगने वाला है। उसने सोचा कि यह सुनहरा मौका है अधिक मुनाफा कमाने का और उसने अपनी सारी पूँजी उस मेले में लगा दी। विनीत ने बड़े पैमाने पर सामान खरीदा और उसे ऊँचे दामों पर बेचने की योजना बनाई।

मेले के दिन, विनीत बहुत उत्साहित था। लेकिन, उसकी यह उत्साहित जल्द ही निराशा में बदल गई जब उसे पता चला कि उसके सामान की कीमत बाजार भाव से कहीं अधिक है और कोई भी उसे खरीदने को तैयार नहीं है।

अंततः, विनीत को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। उसने समझा कि “पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में” होने का परिणाम क्या होता है। वह समझ गया कि लालच में आकर अधिक जोखिम उठाना उसके लिए नुकसानदेह रहा।

इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि जीवन में संयम और सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए। बड़े लाभ के लिए अंधाधुंध जोखिम उठाना कभी-कभी भारी पड़ सकता है।

शायरी:

घी में पांचों उंगलियां, सिर कढ़ाई में रखते हैं,
लालच में जो खो जाएं, वो सपनों की बाजी हारते हैं।

जोखिम की इस राह में, कदम बढ़ाते चले गए,
खुद को समझा शातिर, मगर राह में भटकते चले गए।

लालच का ये खेल है, जिसमें बहुतों ने खोया है,
जिन्होंने सोचा था जीतना, वही सबसे ज्यादा रोया है।

ख्वाहिशें अनगिनत, पर हकीकत में वजन कम होता है,
जो समझ गए इस बात को, उनका हर दिन सुनहरा होता है।

घी की चाह में उंगलियां, सिर कढ़ाई में न फंसाओ,
जिंदगी है बेशकीमती, इसे लालच में न गंवाओ।

 

पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में – Panchon ungliyan ghee mein aur sir kadhai mein Idiom:

Introduction: The Hindi proverb “पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में” translates to “All five fingers in ghee and head in the frying pan” in English. This proverb is used to describe a situation where a person wants to take advantage of all opportunities for gain, but is also willing to face any risks involved.

Meaning: The proverb means that a person desires all comforts and luxuries, but is ready to face any kind of risk for them. It illustrates a combination of greed and courage.

Usage: This proverb is used in situations where someone is ready to take significant risks for gain.

Usage:

-> A businessman who takes big risks for higher profit can be said to have “all five fingers in ghee and head in the frying pan.”

-> A politician who takes great risks for their reputation can also be described this way.

Conclusion: The proverb “Panchon ungliyan ghee mein aur sir kadhai mein” teaches us that big rewards in life come with big risks. It also shows that sometimes, driven by greed, a person may take greater risks, leading to potential problems. Therefore, this proverb serves as a lesson in moderation and caution.

Story of ‌‌Panchon ungliyan ghee mein aur sir kadhai mein Idiom in English:

In a small village, there lived a greedy merchant named Vineet. Vineet always dreamed of becoming rich and was ready to take any kind of risk for it.

One day, Vineet learned that a large trade fair was about to take place in a nearby city. He saw this as a golden opportunity to earn a significant profit and invested all his capital in the fair. Vineet purchased goods on a large scale, planning to sell them at high prices.

On the day of the fair, Vineet was very excited. However, his excitement soon turned to disappointment when he realized that the prices of his goods were much higher than the market rate, and nobody was willing to buy them.

Eventually, Vineet suffered a huge loss. He understood the consequences of having “all five fingers in ghee and head in the frying pan.” He realized that taking excessive risks out of greed was harmful to him.

This story teaches us the importance of moderation and thoughtful decision-making in life. Taking reckless risks for big gains can sometimes lead to severe setbacks.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

क्या इस मुहावरे का कोई वास्तविक उपयोग है या यह केवल एक कहावत है?

इस मुहावरे का प्रमुख उपयोग कहावती भाषा में होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका वास्तविक अर्थ भी हो सकता है।

इस मुहावरे का उपयोग किस परिस्थिति में किया जा सकता है?

यह मुहावरा विशेषकर किसी गोपनीय सच्चाई या बुराई को छिपाने के लिए प्रयुक्त होता है।

पांचों उंगलियां घी में और सिर कढ़ाई में” का अर्थ क्या है?

यह मुहावरा एक गोपनीयता या चुप्पी को दर्शाने का तरीका है, जिससे किसी बात को सीधे तौर पर नहीं कहा जाता है।

क्या इस मुहावरे का कोई संबंध धार्मिक या सांस्कृतिक विचारधारा से है?

नहीं, यह मुहावरा धार्मिक या सांस्कृतिक विचारधारा से सीधे जुड़ा नहीं है, बल्कि यह व्यापक रूप से उपयोग होने वाला है।

यह मुहावरा किस भाषा से उत्पन्न हुआ है?

यह मुहावरा हिंदी भाषा से उत्पन्न हुआ है, जिसमें शब्दों को कठिनाई से बताने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

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