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नीच जात लतिआये अच्छा, अर्थ, प्रयोग(Neech jaat latiaye achcha)

“नीच जात लतिआये अच्छा” यह हिंदी की एक प्राचीन कहावत है, जिसका प्रयोग आमतौर पर उन स्थितियों में किया जाता है जहां किसी को उचित सीमा में रहने की सलाह दी जाती है।

परिचय: यह कहावत समाज में वर्ण व्यवस्था और जाति प्रथा के दौरान प्रचलित हुई थी। इसका उपयोग अक्सर उन स्थितियों में होता है जहां व्यक्ति अपनी सामाजिक स्थिति या शक्ति को समझे बिना उससे अधिक आकांक्षा रखता है।

अर्थ: “नीच जात लतिआये अच्छा” का अर्थ है कि निम्न वर्ग या सामाजिक स्थिति वाले व्यक्ति को उच्च वर्ग की आकांक्षाओं का पीछा नहीं करना चाहिए और उसे अपनी सीमा में रहना चाहिए।

प्रयोग: इस कहावत का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी को उसकी सामाजिक सीमा या स्थिति का ध्यान दिलाया जाता है।

उदाहरण:

-> विकास एक छोटी जात के किसान का बेटा है, अब वह ऊंची जाति के लोगों से दोस्ती करना चाहता है लेकिन उसने ऊंची जाति के लोगों को कहते सुना कि “नीच जात लतिआये अच्छा”

निष्कर्ष: यह कहावत सामाजिक सीमाओं और व्यक्ति की वास्तविक स्थिति को स्वीकार करने के महत्व को दर्शाती है। हालांकि, आधुनिक समाज में इस तरह के विचारों को पुराना और प्रतिगामी माना जा सकता है, क्योंकि आजकल समानता और व्यक्तिगत प्रगति पर जोर दिया जाता है।

Hindi Muhavare Quiz

नीच जात लतिआये अच्छा मुहावरा पर कहानी:

एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में अनुभव नामक एक युवक रहता था। अनुभव एक साधारण परिवार से था और उसके पास सीमित साधन थे। लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। वह हमेशा सोचता था कि वह एक दिन अमीर और प्रसिद्ध बनेगा।

एक दिन, गांव में एक बड़े व्यापारी ने एक बड़ी दावत का आयोजन किया। अनुभव ने सोचा कि यह उसके लिए सुनहरा मौका है। वह उस दावत में गया और उच्च वर्ग के लोगों की तरह बर्ताव करने लगा। उसने महंगे कपड़े पहने, बड़ी-बड़ी बातें की और उनके साथ मिलकर हंसी-मजाक किया। लेकिन जल्द ही उसे एहसास हो गया कि वह वहां के लोगों से अलग है। उसकी बातें और हरकतें उन्हें अजीब लगीं, और वे उसका मजाक उड़ाने लगे।

अनुभव को तब समझ में आया कि वह उन लोगों की तरह नहीं है। उसने महसूस किया कि वह अपनी सामाजिक स्थिति से अधिक का आकांक्षी था। उसे तब समझ आया कि “नीच जात लतिआये अच्छा”। उसने फैसला किया कि वह अपने सीमित साधनों के भीतर रहकर अपने जीवन को सफल बनाएगा।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी सामाजिक स्थिति और सीमाओं को समझना चाहिए और उनके अनुसार ही अपनी जिंदगी जीनी चाहिए। “नीच जात लतिआये अच्छा” कहावत हमें यही सिखाती है।

शायरी:

ख्वाब बुने थे आसमानों के, पर किस्मत ने था जमीन से प्यार,

‘नीच जात लतिआये अच्छा’, यही है जिंदगी का असली आधार।

उड़ने की चाह में, कभी ना भूलो अपनी जड़ें,

जहाँ से चले थे हम, वो गलियां, वो मुड़े नज़रें।

आकाश की ऊँचाई को छूने की तमन्ना में,

कभी ना खो देना अपनी मिट्टी की सोंधी महक।

‘नीच जात लतिआये अच्छा’, सुना है ये सदियों से,

जहां हैं वहीं से चमकना, यही है जीवन का रहस्य।

सपने वही जो आँखों में हों, पर पाँव रहें ज़मीन पर,

‘नीच जात लतिआये अच्छा’, यही सच्चाई है अपरंपार।

आसमान की बुलंदी को छू लो, पर ना भूलो अपना घर,

जो तुम्हें बनाया, वो जड़ें ही हैं तुम्हारा असली दर।

 

नीच जात लतिआये अच्छा शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of नीच जात लतिआये अच्छा – Neech jaat latiaye achcha Idiom:

“नीच जात लतिआये अच्छा” is an ancient Hindi idiom commonly used in situations where someone is advised to stay within their appropriate limits.

Introduction: This idiom became prevalent during the era of the caste system and social hierarchy in society. It is often used in situations where a person aspires beyond their social status or power without understanding it.

Meaning: The meaning of “नीच जात लतिआये अच्छा” is that a person from a lower class or social status should not pursue the aspirations of the higher class and should stay within their limits.

Usage: This idiom is used when someone is reminded of their social boundaries or status.

Usage:

-> Vikas is a son of a farmer from a lower caste, now he wants to befriend people from higher castes but he heard the higher caste people saying, “नीच जात लतिआये अच्छा” (It’s better for the lower caste to stay within their limits).

Conclusion: This idiom highlights the importance of acknowledging social boundaries and a person’s actual status. However, in modern society, such thoughts can be considered outdated and regressive, as equality and personal progress are emphasized nowadays.

Story of ‌‌Neech jaat latiaye achcha Idiom in English:

Once upon a time, in a small village, there lived a young man named Anubhav. Anubhav belonged to a simple family with limited means, but his dreams were big. He always thought that one day he would become rich and famous.

One day, a wealthy businessman organized a grand feast in the village. Anubhav thought this was a golden opportunity for him. He attended the feast and started behaving like the people of the upper class. He wore expensive clothes, spoke grandly, and joined in their laughter and jokes. However, he soon realized that he was different from them. His words and actions seemed strange to them, and they started making fun of him.

That’s when Anubhav understood that he was not like them. He realized that he was aspiring beyond his social status. It dawned on him that “नीच जात लतिआये अच्छा” (It’s better for those of lower status to not aspire beyond their means). He decided that he would make his life successful while staying within his limited means.

This story teaches us that we should understand our social status and limitations and live our lives accordingly. The proverb “नीच जात लतिआये अच्छा” teaches us just that.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

क्या इस मुहावरे का उपयोग समाज में उच्च-नीच की भेदभाव के खिलाफ है?

हाँ, इस मुहावरे का उपयोग समाज में सभी को एकसमान दृष्टिकोण के साथ देखने के लिए किया जा सकता है।

इस मुहावरे का उपयोग किस परिस्थिति में होता है?

यह मुहावरा उस समय का विवेचन करता है जब कोई नीच जाति का व्यक्ति उच्च स्थान पर पहुंचकर सफलता प्राप्त करता है।

मुहावरा “नीच जात लतिआये अच्छा” का अर्थ क्या है?

इस मुहावरे का अर्थ है कि किसी नीच वर्ग का व्यक्ति भी अच्छा कार्य कर सकता है और समर्पित हो सकता है।

क्या इस मुहावरे का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के संदर्भ में हो सकता है?

नहीं, यह मुहावरा समाजिक, राजनीतिक, और आर्थिक क्षेत्रों में भी उपयोग किया जा सकता है।

क्या इस मुहावरे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण है?

इसका कोई विशेष ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, लेकिन यह सामाजिक समर्थन और समाज में बदलाव की बात कर सकता है।

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