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लाले पड़ना, अर्थ, प्रयोग(Lale padna)

"सुखी झील का दृश्य", "सुरेंद्र पेड़ लगाते हुए", "गाँववाले पानी की खोज में", "बारिश में खुश होते गाँववाले"

परिचय: हिंदी भाषा में अनगिनत मुहावरे हैं, जिन्हें हम अपने दिनचर्या में प्रयोग करते हैं। ‘लाले पड़ना’ भी ऐसा ही एक मुहावरा है। चलिए जानते हैं इसका अर्थ और प्रयोग।

अर्थ: ‘लाले पड़ना’ का अर्थ होता है बहुत अधिक आवश्यकता या अत्यधिक कमी होना। अधिकतर, जब किसी चीज़ की अत्यधिक कमी होती है तो इस मुहावरे का प्रयोग होता है।

उदाहरण:

-> पानी की भयंकर कमी के चलते गाँव में पानी के लाले पड़ गए।

-> जब सर्दियों में अच्छी खासी इंधन की कमी हो गई, तब लोगों के लिए ईंधन के लाले पड़ गए।

व्याख्या: जब भी किसी वस्त्र, सेवा, संसाधन या किसी अन्य चीज़ की घातक कमी होती है तो ‘लाले पड़ना’ मुहावरे का प्रयोग होता है। यह मुहावरा आमतौर पर एक नकारात्मक संदर्भ में प्रयोग होता है जब कोई संकट या असुविधा होती है।

निष्कर्ष: ‘लाले पड़ना’ मुहावरा दरशाता है कि कैसे किसी चीज़ की घोर कमी से हमारे जीवन में संकट उत्पन्न होता है। इस मुहावरे का प्रयोग समय-समय पर हमारी दिनचर्या में होता है और यह विशेष रूप से वह समय दर्शाता है जब हम किसी चीज़ के बिना अधूरे महसूस करते हैं।

लाले पड़ना मुहावरा पर कहानी:

एक छोटा सा गाँव था, जहाँ पहले कभी पानी की कमी नहीं होती थी। गाँव में एक बड़ा झील भी था, जिससे पूरे गाँव के लोग अपनी जरूरत का पानी लेते थे। लेकिन धीरे-धीरे, बारिश की कमी के कारण झील सूखने लगी।

अब गाँववालों को पानी के लिए दूसरे गाँव तक जाना पड़ता था। उनकी जीवन में इससे बड़ी समस्या कुछ भी नहीं थी। पानी की इतनी ज्यादा कमी हो गई थी कि लोग कहने लगे, “हमारे लिए पानी के लाले पड़ गए हैं।”

एक दिन गाँव के युवक सुरेंद्र ने तय किया कि वह झील को फिर से भरने का कोई उपाय ढूँढेगा। वह अन्य गाँवों और नगरों में गया और वहाँ के लोगों से जानकारी हासिल की।

वह पता लगा चुका था कि जब पानी की घातक कमी होती है, तो लोग वृक्षारोपण करके बारिश की संभावना बढ़ा सकते हैं। सुरेंद्र ने गाँव में वृक्षारोपण अभियान चलाया और धीरे-धीरे बारिश होने लगी। झील में पानी वापस आया और गाँववालों की पानी की समस्या हल हो गई।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि ‘लाले पड़ना’ मुहावरा वास्तव में किसी घातक कमी को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है, और कैसे सही समय पर उचित कदम उठाने से हम ऐसी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

शायरी:

जीवन में आई सूखे की बारिश, लाले पड़ गए आँखों के प्यालों में।

उम्मीदें टूटी, ख्वाब बिखरे, पर जज्बात बाकी छैलों में।

खो दिया पानी का हर कतरा, पर जीवन की तलाश बेहालों में।

मुसीबतें आएं जितनी चाहो, हौंसला रहेगा इस दिल के हालों में।

 

लाले पड़ना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of लाले पड़ना – Lale padna Idiom:

Introduction: In the Hindi language, there are countless idioms that we use in our daily routines. ‘Lale Padna’ is one such idiom. Let’s understand its meaning and usage.

Meaning:  The term ‘Lale Padna’ translates to facing a severe shortage or an extreme necessity of something. Typically, this idiom is used when there’s a dire scarcity of a particular thing.

Usage:

-> Due to the severe water shortage in the village, they faced a situation of ‘Lale Padna’. 

-> During winters, when there was a significant shortage of fuel, people felt the urgency, akin to ‘Lale Padna’.

Discussion: Whenever there’s a fatal shortage of any goods, service, resource, or other items, the term ‘Lale Padna’ is employed. This idiom is generally used in a negative context when there’s a crisis or inconvenience.

The idiom ‘Lale Padna’ illustrates how a severe lack of something can cause distress in our lives. Its usage frequently finds a place in our daily life, especially highlighting those moments when we feel incomplete without a particular thing.

Story of ‌‌Lale padna Idiom in English:

There was a small village where there was never a shortage of water before. The village had a large lake from which the entire village would fetch water for their needs. However, over time, due to the lack of rain, the lake began to dry up.

Now, the villagers had to travel to other villages for water. Nothing was a greater problem in their lives than this. The scarcity of water became so severe that people began to say, “We are experiencing ‘Lale Padna’ for water.”

One day, a young man from the village named Surendra decided that he would find a solution to refill the lake. He traveled to other villages and cities and gathered information from the people there.

He had discovered that when there’s a fatal shortage of water, people can increase the likelihood of rain by planting trees. Surendra initiated a tree plantation drive in the village, and gradually it began to rain. Water returned to the lake, and the villagers’ water problem was resolved.

This story teaches us that the idiom ‘Lale Padna’ is actually used to depict a severe shortage, and how taking the right steps at the right time can help us find solutions to such problems.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

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