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ज़हर का घूँट पीना अर्थ, प्रयोग(Jahar ka ghoont peena)

परिचय: “ज़हर का घूँट पीना” एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है, जो किसी कठिन या दुःखद स्थिति का सामना करने की भावना को व्यक्त करता है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब किसी को अपने क्रोध या नाराजगी को छिपाकर किसी अप्रिय स्थिति को सहन करना पड़ता है।

अर्थ: “ज़हर का घूँट पीना” का अर्थ है अपने आप को कष्ट में डालते हुए किसी दुखद या अप्रिय स्थिति को सहन करना। यह उस परिस्थिति को दर्शाता है जब व्यक्ति अपने क्रोध या नाराजगी को छिपाकर अंदर ही अंदर दुःख सहता है।

प्रयोग: इस मुहावरे का इस्तेमाल विशेषकर तब किया जाता है, जब किसी को अपने भावनाओं को दबाकर और अपने क्रोध को न दिखाते हुए किसी कठिन स्थिति का सामना करना पड़ता है।

उदाहरण:

-> जब अखिल को अपने बॉस के अनुचित आदेशों का पालन करना पड़ा, तो उसने अपना क्रोध न दिखाकर “ज़हर का घूँट पीना” पसंद किया।

-> अपर्णा को जब अपने सहकर्मी की बुराई सहन करनी पड़ी, तब उसने अपनी नाराजगी को छिपाकर “ज़हर का घूँट पीना” चुना।

निष्कर्ष: “ज़हर का घूँट पीना” मुहावरा हमें यह सिखाता है कि जीवन में कभी-कभी हमें अपने भावनाओं को नियंत्रित करने और अप्रिय स्थितियों का सामना करने की जरूरत पड़ती है। यह हमें यह भी सिखाता है कि क्रोध या नाराजगी को न दिखाने से कभी-कभी हमारी आंतरिक ताकत और सहनशीलता का परिचय होता है।

Hindi Muhavare Quiz

ज़हर का घूँट पीना मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से गाँव में प्रेमचंद्र नामक एक किसान रहता था। प्रेमचंद्र की जिंदगी साधारण थी, लेकिन उसका स्वभाव अत्यंत शांत और धैर्यवान था। उसकी खेती उसकी आजीविका का मुख्य स्रोत थी।

एक दिन, गाँव के एक धनी व्यापारी ने प्रेमचंद्र की जमीन पर अपनी नजर गड़ाई और उसे कम कीमत पर खरीदने की कोशिश की। प्रेमचंद्र ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया क्योंकि वह जमीन उसके परिवार की विरासत थी। लेकिन व्यापारी ने प्रेमचंद्र पर दबाव डालना शुरू कर दिया। वह उसे धमकियाँ देने लगा और उसकी फसलों को नुकसान पहुँचाने लगा।

प्रेमचंद्र के लिए यह स्थिति बेहद कष्टकारी थी, लेकिन उसने अपने क्रोध और नाराजगी को नहीं दिखाया। वह जानता था कि व्यापारी के सामने उसका क्रोध उसके लिए और अधिक समस्याएँ खड़ी कर सकता है। इसलिए वह अपनी भावनाओं को नियंत्रित करते हुए, “ज़हर का घूँट पीने” लगा।

इस बीच, प्रेमचंद्र ने अपनी समस्या का समाधान खोजने के लिए एक योजना बनाई। उसने गाँव के पंचायत और अन्य किसानों के साथ मिलकर अपनी समस्या को सामने रखा। उनके सहयोग से प्रेमचंद्र ने व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की और अंततः उसे न्याय मिला।

प्रेमचंद्र की कहानी यह सिखाती है कि कभी-कभी “ज़हर का घूँट पीना” आवश्यक होता है, लेकिन इसके साथ ही हमें धैर्य के साथ अपने अधिकारों के लिए लड़ना भी आवश्यक है।

शायरी:

ज़हर का घूँट पीकर भी, जिंदगी को हंस के जिया,

दर्द की इस राह में, हर कदम पर खुद को जिया।

खुशी के चेहरे पर, आंसुओं का वजूद छिपाया,

दर्द के सागर में, हर लहर से मुस्कुरा कर मिलाया।

दुनिया की नज़रों में, बस ये भीड़ ही रही,

ज़हर के घूँटों में भी, जीने की उम्मीद ही रही।

हर तूफान से लड़ा, खुद की मुस्कान से जीता,

ज़िंदगी के इस सफर में, हर दर्द को अपना गीता।

ज़हर के घूँट पीकर भी, जिंदगी का जश्न मनाया,

हर दर्द को गले लगाकर, जीने का सलीका सिखाया।

 

ज़हर का घूँट पीना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of ज़हर का घूँट पीना – Jahar ka ghoont peena Idiom:

Introduction: “ज़हर का घूँट पीना” is a popular Hindi idiom that expresses the sentiment of facing a difficult or painful situation. It is used when someone has to endure an unpleasant situation while hiding their anger or displeasure.

Meaning: The literal meaning of “ज़हर का घूँट पीना” is to suffer through a distressing or unpleasant situation while suppressing one’s own discomfort. It describes a situation where a person endures internal anguish while concealing their anger or displeasure.

Usage: This idiom is particularly used in contexts where someone has to suppress their emotions and confront a challenging situation without showing their anger or discontent.

Usage:

-> When Akhil had to follow his boss’s unfair orders, he chose to hide his anger and “drink a sip of poison.”

-> When Aparna had to endure her colleague’s criticism, she opted to conceal her annoyance and “drink a sip of poison.”

Conclusion: The idiom “ज़हर का घूँट पीना” teaches us that sometimes in life, we need to control our emotions and face unpleasant situations. It also suggests that not showing anger or displeasure can sometimes be a sign of inner strength and resilience.

Story of ‌‌Jahar ka ghoont peena Idiom in English:

In a small village, there lived a young farmer named Premchandra. His life was simple, but he was known for his calm and patient nature. Farming was his main source of livelihood.

One day, a wealthy merchant from the village set his sights on Premchandra’s land and attempted to buy it at a low price. Premchandra refused the offer, as the land was his family’s heritage. However, the merchant began to pressure Premchandra, threatening him and damaging his crops.

For Premchandra, this situation was extremely distressing, but he chose not to show his anger and frustration. He knew that displaying his anger could create more problems for him in front of the merchant. Thus, he controlled his emotions and started to “drink a sip of poison” (bear the situation silently).

Meanwhile, Premchandra devised a plan to resolve his problem. He collaborated with the village council and other farmers to present his case. With their support, he initiated legal action against the merchant and eventually received justice.

Premchandra’s story teaches that sometimes it’s necessary to “drink a sip of poison” (endure silently), but it’s also crucial to fight for one’s rights with patience.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

ज़हर का घूँट पीना का अर्थ क्या है?

इसका मतलब होता है किसी कठिनाई या बुराई को स्वीकार करना और उसका सामना करना।

इस मुहावरे का उपयोग किस परिस्थिति में होता है?

जब किसी को किसी गहरी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो यह मुहावरा उपयुक्त होता है।

ज़हर का घूँट पीना का मुहावरा क्या है?

ज़हर का घूँट पीना, किसी विपत्ति या कठिनाई का सामना करना।

यह मुहावरा किसी की आत्मविश्वासी स्थिति का वर्णन करने में कैसे मदद कर सकता है?

जब कोई किसी मुश्किल समय में सामना करके स्वयं को साबित करता है, तो इस मुहावरे का उपयोग करके उसकी मजबूती को व्यक्त किया जा सकता है।

क्या इस मुहावरे का उपयोग व्यापक रूप से होता है?

हाँ, इसका उपयोग विभिन्न परिस्थितियों में किया जा सकता है, जैसे कि व्यापारिक, सामाजिक या व्यक्तिगत संदर्भ में।

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