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गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके अर्थ, प्रयोग(Garji yar kiske, Dum lagayi khiske)

“गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके” यह हिंदी में एक प्रचलित मुहावरा है, जिसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति किसी काम के लिए केवल तब तक सहयोग करता है, जब तक उसका स्वार्थ पूरा होता है, और जैसे ही उसका काम हो जाता है, वह उस काम या व्यक्ति को छोड़ देता है।

परिचय: हिंदी साहित्य में मुहावरे अक्सर जीवन के विविध पहलुओं को बहुत ही सूक्ष्मता और सारगर्भित तरीके से प्रस्तुत करते हैं। “गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके” मुहावरा भी इसी तरह का है, जो स्वार्थी व्यवहार को दर्शाता है।

अर्थ: इस मुहावरे का सामान्य अर्थ है कि लोग अक्सर अपने स्वार्थ के लिए ही सहयोग करते हैं, और जब उनका स्वार्थ पूरा हो जाता है, तो वे साथ छोड़ देते हैं।

प्रयोग: इस मुहावरे का उपयोग तब किया जाता है जब किसी को यह दर्शाना होता है कि किसी ने केवल अपने स्वार्थ के लिए किसी का साथ दिया है।

उदाहरण:

मान लीजिए, एक व्यक्ति अपने मित्र की मदद केवल इसलिए करता है, क्योंकि उसे उसकी जरूरत है, और जैसे ही उसका काम हो जाता है, वह मित्र को अकेला छोड़ देता है। इस स्थिति में कहा जा सकता है, “गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके।”

निष्कर्ष: यह मुहावरा हमें सिखाता है कि जीवन में कई बार लोग केवल अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का साथ देते हैं, और जैसे ही उनका स्वार्थ सिद्ध हो जाता है, वे पीछे हट जाते हैं। इस मुहावरे के माध्यम से हमें ऐसे स्वार्थी व्यवहार से सावधान रहने का संदेश मिलता है।

Hindi Muhavare Quiz

गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके मुहावरा पर कहानी:

एक छोटे से शहर में अभय नाम का एक युवक रहता था। अभय का एक मित्र था, विशाल, जो अक्सर उससे मदद मांगा करता था। अभय हमेशा विशाल की सहायता के लिए तैयार रहता था, चाहे वह पढ़ाई हो या कोई और काम।

एक बार अभय को अपने किसी व्यक्तिगत काम के लिए विशाल की मदद की आवश्यकता पड़ी। अभय ने विशाल से सहायता मांगी, लेकिन विशाल ने कुछ बहाने बनाकर इनकार कर दिया। यह देखकर अभय को समझ आया कि विशाल सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए ही उसका दोस्त बना हुआ था।

अभय ने विशाल से कहा, “मैंने हमेशा तुम्हारी मदद की, लेकिन जब मुझे तुम्हारी जरूरत पड़ी, तो तुमने मुझे अकेला छोड़ दिया। यह तो ‘गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके’ वाली बात हो गई।”

इस घटना के बाद, अभय ने विशाल से दूरी बना ली और समझ गया कि सच्चे मित्र वही होते हैं जो हर परिस्थिति में साथ निभाते हैं, न कि केवल अपने स्वार्थ के लिए।

इस कहानी के माध्यम से हमें यह सिखने को मिलता है कि जीवन में स्वार्थी लोग अक्सर अपने स्वार्थ के लिए ही दूसरों का सहारा लेते हैं, और जब उनका स्वार्थ पूरा हो जाता है, तो वे पीछे हट जाते हैं। “गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके” मुहावरा हमें ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहने की सीख देता है।

शायरी:

गरज पड़ी जब, साथ निभाने वाले आए,
दम लगाई खिसके, जब अपने ही साए।

दोस्ती में दम था, या बस स्वार्थ की बातें थीं,
जब जरूरत पड़ी, तो सभी राहें सुनसान थीं।

सच्चाई का दामन थामे रखा, हर कदम पर,
गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके, इसी दौर में।

दुनिया के इस मेले में, अक्सर यही होता है,
जो चाहिए वो मिल जाए, तो सब कुछ खोता है।

गरज के साथी बहुत, पर सच्चे दोस्त कम ही होते हैं,
जो वक्त पड़ने पर, हाथ थामे खड़े होते हैं।

स्वार्थ की इस दुनिया में, सब कुछ फीका पड़ जाता है,
जहां ‘गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके’ का चलन चलता है।

 

गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके – Garji yar kiske, Dum lagayi khiske Idiom:

“Garji yar kiske, Dum lagayi khiske” is a popular Hindi idiom, meaning that a person cooperates in a task only as long as it serves their purpose, and as soon as their work is done, they abandon the task or person.

Introduction: In Hindi literature, idioms often subtly and meaningfully present various aspects of life. The idiom “Helps only till self-need is served, then quickly takes the leave” is such a phrase, highlighting selfish behavior.

Meaning: The general meaning of this idiom is that people often cooperate only for their self-interest, and as soon as their self-interest is fulfilled, they leave the association.

Usage: This idiom is used when one wants to point out that someone has offered support only for their selfish motives.

Usage:

Suppose a person helps a friend only because they need something from them, and as soon as their need is met, they leave the friend alone. In this situation, it can be said, “Garji yar kiske, Dum lagayi khiske.”

Conclusion: This idiom teaches us that often in life, people support others only for their self-interest, and as soon as their self-interest is achieved, they step back. This idiom serves as a message to be wary of such selfish behavior.

Story of ‌‌Garji yar kiske, Dum lagayi khiske Idiom in English:

In a small town, there lived a young man named Abhay. Abhay had a friend, Vishal, who often asked him for help. Abhay was always ready to assist Vishal, whether it was for studies or any other work.

Once, Abhay needed Vishal’s help for some personal work. Abhay asked Vishal for assistance, but Vishal made excuses and refused. Seeing this, Abhay realized that Vishal was only his friend for selfish reasons.

Abhay said to Vishal, “I have always helped you, but when I needed you, you left me alone. This is just like the saying, ‘Helps only till self-need is served, then quickly takes the leave.'”

After this incident, Abhay distanced himself from Vishal and understood that true friends are those who stand by you in every situation, not just for their self-interest.

This story teaches us that in life, selfish people often take support from others only for their self-interest, and once their purpose is served, they step back. The idiom “Helps only till self-need is served, then quickly takes the leave” serves as a lesson to be cautious of such people.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

क्या इस मुहावरे का कोई विशेष इतिहास है?

ज्ञात नहीं, इस मुहावरे का कोई विशेष इतिहास या संबंध ज्ञात नहीं है।

इस मुहावरे का उपयोग कहाँ हो सकता है?

इस मुहावरे का उपयोग किसी को चुनौतीपूर्ण स्थिति में या किसी महत्वपूर्ण कार्य को करने की बात करने में किया जा सकता है।

क्या मुहावरा “गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके” का अर्थ है?

ह मुहावरा किसी के सामने बहादुरी या साहस का परिचय देने के लिए प्रयुक्त होता है, जो बड़े होश और साहस से किसी कार्य को करने की बात करता है।

क्या यह मुहावरा काव्य और साहित्य में प्रचलित है?

हाँ, कई बार इस मुहावरे को काव्य और साहित्य में उपयोग किया जाता है।

इसका वाक्य में उपयोग कैसे किया जा सकता है?

“उसने मुझसे कहा, ‘गरजी यार किसके, दम लगाई खिसके, हम इस कठिनाई को पार करेंगे।'”

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

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