Budhimaan

Home » Hindi Muhavare » दाना पानी उठ जाना अर्थ, प्रयोग(Dana pani uth jana)

दाना पानी उठ जाना अर्थ, प्रयोग(Dana pani uth jana)

परिचय: “दाना पानी उठ जाना” एक हिंदी मुहावरा है, जो आमतौर पर रोजगार के अवसरों के अभाव या जीविका के खोने की स्थिति को दर्शाता है। यह मुहावरा जीवन की अनिश्चितताओं और कठिनाइयों को प्रकट करता है।

अर्थ: “दाना पानी उठ जाना” का अर्थ होता है कि किसी व्यक्ति के लिए उपलब्ध जीविका के साधन समाप्त हो जाना या रोजगार का न होना। यह मुहावरा उस स्थिति को व्यक्त करता है जब व्यक्ति आर्थिक रूप से असुरक्षित हो जाता है।

प्रयोग: विकास एक छोटी फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन जब फैक्ट्री बंद हो गई तो उसका दाना पानी उठ गया और उसे नए रोजगार की तलाश में जाना पड़ा।

उदाहरण:

-> जब किसी कंपनी में छंटनी होती है और कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है, तब उनके लिए यह कहा जा सकता है कि “उनका दाना पानी उठ गया है।”

-> जब किसी व्यापारी का व्यापार बंद हो जाता है और उसकी आय का कोई स्रोत नहीं रह जाता, तब भी यही मुहावरा प्रयोग में लाया जा सकता है।

निष्कर्ष: “दाना पानी उठ जाना” मुहावरा हमें यह सिखाता है कि जीवन में स्थिरता कभी निश्चित नहीं होती। यह हमें आर्थिक सुरक्षा और निरंतर विकास के महत्व को समझने की ओर प्रेरित करता है और यह भी दर्शाता है कि कठिन समय में धैर्य और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

Hindi Muhavare Quiz

दाना पानी उठ जाना मुहावरा पर कहानी:

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव के एक ईमानदार और मेहनती किसान अनुज की। अनुज अपनी छोटी सी जमीन पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। साल दर साल, उनकी मेहनत से उनकी फसल भी अच्छी होती जा रही थी। लेकिन एक वर्ष ऐसा आया जब उनके गाँव में सूखा पड़ गया।

अनुज ने सूखे से निपटने के लिए बहुत संघर्ष किया, लेकिन उनकी फसल बर्बाद हो गई। उनके पास अपने परिवार को पालने के लिए न तो अनाज बचा और न ही पैसा। अनुज के लिए यह समय बहुत कठिन था, उनका “दाना पानी उठ गया” था।

वह अपने परिवार को लेकर चिंतित थे। अनुज ने फैसला किया कि वह अपने गाँव से बाहर जाकर काम ढूंढेंगे। उन्होंने अपने गाँव को छोड़ दिया और नई जगह पर जाकर मजदूरी करने लगे। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें एक नई जीविका दी।

इस तरह अनुज ने साबित कर दिया कि “दाना पानी उठ जाने” के बाद भी, कठिनाइयों का सामना करते हुए और नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए, जीवन में फिर से संभावनाएं बनाई जा सकती हैं। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि जब जीविका के साधन समाप्त हो जाते हैं, तब भी हमें नई शुरुआत की ओर बढ़ना चाहिए।

शायरी:

खेतों की हरियाली से जब सूखा ने बात की,

रामू के हाथों से जिंदगी ने मुलाकात की।

“दाना पानी उठ गया,” यह कहानी जब फैली,

हिम्मत ने उसके दिल में एक नई चिंगारी जली।

दुनिया के रंगों में वो अपना रंग भर गया,

गाँव की गलियों से वो दूर कहीं निकल गया।

किस्मत के पन्नों पर नयी इबारत वो लिख गया,

“दाना पानी उठ गया,” पर उसने हार नहीं मानी।

राह में कांटे बिछे थे, फिर भी वो चल पड़ा,

जीवन की राहों में उसने अपनी गोटी बैठा दी।

“दाना पानी उठ गया,” यह कहते हुए भी,

उसने अपने सपनों की नई दुनिया बसा ली।

 

दाना पानी उठ जाना शायरी

आशा है कि आपको इस मुहावरे की समझ आ गई होगी और आप इसका सही प्रयोग कर पाएंगे।

Hindi to English Translation of दाना पानी उठ जाना – Dana pani uth jana Idiom:

Introduction: “दाना पानी उठ जाना” is a popular Hindi idiom often used to describe a situation of job loss or a lack of livelihood opportunities. This phrase reflects life’s uncertainties and challenges.

Meaning: The literal meaning of “दाना पानी उठ जाना” is the end of means of livelihood or the absence of employment. It describes a situation where a person becomes financially insecure due to a lack of income.

Usage: Vikas worked in a small factory, but when the factory closed down, his दाना पानी उठ गया (means of livelihood ended), and he had to look for new employment.

Usage:

-> When there are layoffs in a company and employees lose their jobs, it can be said, “Their दाना पानी उठ गया है (means of livelihood have ended).”

-> When a businessperson’s business shuts down, leaving them with no source of income, this idiom can also be used.

Conclusion: The idiom “दाना पानी उठ जाना” teaches us that stability in life is never guaranteed. It encourages us to understand the importance of financial security and continual growth and shows that it’s essential to move forward with patience and positivity during tough times.

Story of ‌‌Dana pani uth jana Idiom in English:

Once upon a time, in a small village, there lived a hardworking and honest farmer named Anuj. Anuj cultivated his small piece of land and provided for his family. Year after year, his hard work led to good harvests. However, one year, a drought hit the village.

Anuj struggled to cope with the drought, but his crops were ruined. He was left with neither grain to feed his family nor money. It was a difficult time for Anuj; his means of livelihood had ended.

Worried about his family, Anuj decided to seek work outside his village. He left his village and started working as a laborer in a new place. His hard work and dedication earned him a new livelihood.

Thus, Anuj proved that even after losing one’s means of livelihood, facing challenges, and stepping into a new direction, it’s possible to create new opportunities in life. His story teaches us that when sources of livelihood end, we should move towards a new beginning.

 

I hope this gives you a clear understanding of the proverb and how to use it correctly

FAQs:

क्या इस मुहावरे का अन्य रूप है?

हां, इस मुहावरे का अन्य रूप “दाना पानी मिल जाना” भी है जिसका अर्थ भी समस्याएं सुलझ जाना है।

इस मुहावरे का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है?

इस मुहावरे का उपयोग किसी की मुश्किलें या समस्याएं सुलझाने के संदर्भ में किया जा सकता है।

दाना पानी उठ जाना का अर्थ क्या है?

दाना पानी उठ जाना का अर्थ है किसी की समस्या या परेशानी का समाप्त हो जाना।

क्या इस मुहावरे का उपयोग व्यक्तिगत जीवन में होता है?

हां, इसे व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान की बातचीत में शामिल किया जा सकता है।

क्या दाना पानी उठ जाना का कोई विशेष संदेश होता है?

जी हां, यह मुहावरा सकारात्मकता और समाधान की दिशा में संकेत कर सकता है।

हिंदी मुहावरों की पूरी लिस्ट एक साथ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

टिप्पणी करे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Budhimaan Team

Budhimaan Team

हर एक लेख बुधिमान की अनुभवी और समर्पित टीम द्वारा सोख समझकर और विस्तार से लिखा और समीक्षित किया जाता है। हमारी टीम में शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा देने में वर्षों का समय बिताया है। हम सुनिश्चित करते हैं कि आपको हमेशा सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी मिले।

संबंधित पोस्ट

"खाइए मनभाता पहनिए जगभाता मुहावरे का चित्रण", "गाँव की शादी में समाज के अनुरूप वेशभूषा में युवक", "सादगीपसंद खाने और समाजिक वस्त्रों में संतुलन", "Budhimaan.com पर जीवन शैली और संस्कृति"
Hindi Muhavare

खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता अर्थ, प्रयोग (Khaiye manbhata, Pahniye jagbhata)

परिचय: “खाइए मनभाता, पहनिए जगभाता” यह एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है जो जीवन में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देता है। यह मुहावरा हमें

Read More »
"करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत मुहावरे का चित्रण", "सकारात्मक कार्यों में ऊर्जा निवेश करते व्यक्ति की छवि", "Budhimaan.com पर सकारात्मक योगदान की प्रेरणा", "विवादों की बजाय कर्म पर ध्यान केंद्रित करता किसान"
Hindi Muhavare

करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत अर्थ, प्रयोग (Karni na kartoot, Ladne ko majboot)

परिचय: “करनी न करतूत, लड़ने को मजबूत” एक हिंदी मुहावरा है जो उन व्यक्तियों के व्यवहार को उजागर करता है जो वास्तव में तो कुछ

Read More »
"ईंट की लेनी पत्थर की देनी कहानी चित्र", "मुहावरे का विवेचन आलेख छवि", "छोटी गलती बड़ा प्रतिशोध इलस्ट्रेशन", "Budhimaan.com पर जीवन की सीख ग्राफिक्स"
Hindi Muhavare

ईंट की लेनी पत्थर की देनी अर्थ, प्रयोग (Eent ki leni patthar ki deni)

परिचय: “ईंट की लेनी पत्थर की देनी” यह मुहावरा हिन्दी भाषा में बहुत प्रचलित है, जिसका प्रयोग अक्सर किसी के द्वारा की गई छोटी कार्रवाई

Read More »
"उत्तम खेती मध्यम बान इमेज", "स्वावलंबन का महत्व चित्र", "भारतीय मुहावरे विश्लेषण ग्राफिक", "Budhimaan.com पर आत्मनिर्भरता लेख इमेज"
Hindi Muhavare

उत्तम खेती मध्यम बान, निकृष्ट चाकरी भीख निदान अर्थ, प्रयोग (Uttam kheti madhaym baan, Nikrasht chakri bheekh nidan)

परिचय: “उत्तम खेती मध्यम बान, निकृष्ट चाकरी भीख निदान” एक प्राचीन हिंदी मुहावरा है जो विभिन्न पेशों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की तुलना करता

Read More »

आजमाएं अपना ज्ञान!​

बुद्धिमान की इंटरैक्टिव क्विज़ श्रृंखला, शैक्षिक विशेषज्ञों के सहयोग से बनाई गई, आपको भारत के इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने ज्ञान को जांचने का अवसर देती है। पता लगाएं कि आप भारत की विविधता और समृद्धि को कितना समझते हैं।